गोंडा बस स्टेशन पर जाम में फंसे वाहन। - संवाद
गोंडा। आम जन को जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए प्रशासन ने ठोस पहल करते हुए शहर को चार जोन में विभाजित करके मास्टर प्लान तैयार किया है। सीएफडी (कंजेशन फ्री डिस्ट्रिक्ट) योजना के तहत सर्वाधिक जाम प्रभावित 10 चौराहों को चिह्नित कर निगरानी बढ़ाई जाएगी। एक महीने तक लगातार पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जा रही है। जिससे अतिक्रमण, अव्यवस्थित पार्किंग और ठेले-खोमचों के कारण लगने वाले जाम की समस्या का समाधान हो सके।
सीओ यातायात विनय सिंह ने बताया कि जाम की समस्या केवल ट्रैफिक दबाव से नहीं, बल्कि अनियमित खड़े वाहनों और बार-बार होने वाले अतिक्रमण से बढ़ती है। इसी को ध्यान में रखते हुए शहर को चार जोन में बांटकर चार यातायात उपनिरीक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है, ताकि जवाबदेही तय हो और निगरानी सतत बनी रहे।
कचहरी तिराहा से एलबीएस महाविद्यालय चौराहा होते हुए झंझरी विकासखंड तिराहा तक का रूट यातायात उपनिरीक्षक बलराम सिंह को सौंपा गया है। सद्भावना पुलिस चौकी से सरकुलर रोड होते हुए मिश्रौलिया ओवरब्रिज तक की जिम्मेदारी उपनिरीक्षक पुन्नालाल द्विवेदी के पास रहेगी। मिश्रौलिया पुलिस चौकी से गुरुनानक चौराहा, महिला अस्पताल से मनकापुर बस स्टैंड तक उपनिरीक्षक रामजीत यादव निगरानी करेंगे। गुरुनानक चौराहा से स्टेशन रोड होते हुए सुभागपुर रेलवे क्रॉसिंग तक का क्षेत्र उपनिरीक्षक संजय कुमार के जिम्मे रहेगा।
सीओ ने कहा कि संबंधित उपनिरीक्षक जाम के कारणों का सूक्ष्म अध्ययन करेंगे और स्थायी समाधान की कार्ययोजना तैयार करेंगे। साथ ही, आमजन से भी अपील की गई है कि वे सड़क किनारे वाहन न खड़ा करें और यातायात नियमों का पालन करें। इस पहल से उम्मीद है कि चौक बाजार, महिला अस्पताल चौराहा, रोडवेज बस स्टैंड जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में लगने वाले दैनिक जाम से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और आवागमन सुगम होगा।