गोंडा। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने 477 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का वेतन रोक दिया है। आरोप है कि ये कार्यकर्ता न तो मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण का काम कर रही हैं और न ही क्षेत्र में पोषण ट्रैकर एप के जरिए पुष्टाहार वितरण कर रही हैं। ऐसे में लापरवाही मानते हुए वस्तुस्थिति की जानकारी देने तक वेतन भुगतान रोक दिया गया है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की प्रगति मानक से कम है। इससे प्रदेश में जिले की रैंकिंग निचले पायदान पर चली गई है। इनकी ड्यूटी न तो एसआईआर में लगाई गई और न ही अपने दायित्वों का निर्वाह कर रही हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से कोई संतोषजनक जवाब भी नहीं मिला है। ऐसे में वेतन रोक दिया गया है। सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों से जवाब तलब किया गया है। इसके साथ ही जिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने पुष्टाहार का अभी तक वितरण नहीं किया, उनकी भी सूची तलब की गई है। (संवाद)