गोंडा। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने मारपीट और गैरइरादतन जानलेवा हमले में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने दोषी को पांच साल के कारावास और 31 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार उमरीबेगमगंज थाना क्षेत्र के ग्राम परासपट्टी पुरुवार निवासी एके सिंह ने गांव के ही सुरेंद्र प्रताप सिंह, देवपाल सिंह व कुच्ची उर्फ विशारद पर मारपीट व गैरइरादतन जानलेवा हमले का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया।
विवेचना में पुख्ता साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने सात मई 1991 को अभियुक्त के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे के दौरान सुरेंद्र प्रताप सिंह व कुच्ची की पत्रावली अलग कर दी गई। विचारण में साक्ष्य के अभाव में न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।
आरोपी देवपाल सिंह के न्यायालय में हाजिर होने पर विचारण की कार्यवाही शुरू हुई। न्यायालय ने अभियुक्त देवपाल सिंह को दोषी करार दिया। बृहस्पतिवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम राजेश कुमार तृतीय ने दोषी अभियुक्त देवपाल सिंह को पांच साल कारावास व 31 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।