गोंडा। एक सप्ताह पूर्व धर्मांतरण के लिए कथित रूप से आरोपित महिला को पुलिस द्वारा छोड़े जाने से इलाके में तनाव व्याप्त है। प्रशासन ने उक्त महिला सहित धर्मांतरित अनुसूचित जाति के परिवारों की सुरक्षा के लिए गांव में सशस्त्र पुलिस तैनात कर दिया है।
थानाक्षेत्र अंतर्गत ग्रामसभा जलालपुर के पुरवा पूरे अर्जुन के निवासी अनुसूचित जाति के धनई छेदी व प्यारेलाल के परिवार में मुंबई (महाराष्ट्र) की 66 वर्षीय महिला पिछले दो माह से प्रार्थना सभा कर रही थी।
ग्रामवासियों का आरोप है कि महिला गांव के कई परिवारों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए विभिन्न तरीकों से प्रेरित कर रही है। 25 जून को बजरंग दल एवं विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर हंगामा किया। पुलिस को बुला कर महिला सहित तीन लोगों के विरुद्ध धर्म परिवर्तन की शिकायत दर्ज कराई।
थानाध्यक्ष राजेश सिंह के अनुसार, जांच करने पर दोनों परिवारों को जबरन अथवा प्रलोभन देकर धर्मांतरण का मामला सामने नहीं आया। स्वेच्छा से किए गए धर्म परिवर्तन पर कोई अपराध नहीं होने से सबको छोड़ दिया गया है।
दोनों परिवारों के मुखिया धनई छेदी ने बताया कि उनके कुनबे के लगभग ढ़ाई दर्जन लोगों ने 20 वर्ष पहले ही मुंबई में महिला की अगुवाई में ईसाई धर्म अपना लिया था। वह जब और उनका परिवार अपने गांव में रहने के लिए वापस आया, तो वह उनसे मिलने उनके गांव आई है।
उन्होंने बताया कि उनके व उनके कुनबे द्वारा धर्म परिवर्तन से नाराज गांवों के दबंगों ने उन्हें और महिला को पुलिस के हवाले कर दिया था। ईसाई धर्म अपना चुके प्यारेलाल ने बताया कि गांव के कुछ दबंग उनकी जमीन पर कब्जा करने के लिए यह आरोप लगाकर गांव से बेदखल करने की साजिश कर रहे हैं। संवाद