गोंडा। तरबगंज में दहेज की मांग को लेकर विवाहिता की हत्या के मामले मेें अपर सत्र न्यायाधीश सप्तम ने दोषी पाए गये पति को दस साल कारावास व 18 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं, करनैलगंज के भी दहेज हत्या के एक मामले में दोषी पाए गए पति को दस साल के कारावास व चार हजार अर्थदंड की सजा दी गई है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ओम प्रकाश शुक्ल व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अभिनव चतुर्वेदी ने बताया कि ग्राम गौहानी के विश्राम ने 21 अगस्त 2018 को थाना तरबगंज में तहरीर देकर कहा कि उसने अपने बेटी रिंकी की शादी थाना तरबगंज क्षेत्र के ग्राम खजुरी निवासी रामू से की थी। शादी के बाद से ही रामू दहेज में बाइक की मांग को लेकर रिंकी को पीटता था। 20 अगस्त 2018 को रामू ने फोन कर रिंकी को जलाने की बात कही। वह गांव पहुंचा तो देखा कि रिंकी का शव जल रहा है।
विश्राम ने आरोप लगाया कि हत्या कर साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव जलाया गया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना की। आरोपी पति रामू खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में भेजा। विचारण के दौरान अपर सत्र न्यायाधीश सप्तम डॉ. दीनानाथ तृतीय नेे अभियुक्त रामू को दोषसिद्ध किया और दहेज हत्या के अपराध में दस साल कारावास और 18 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
वहीं, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि कोतवाली करनैलगंज क्षेत्र के ग्राम कस्तूरी निवासी रामनाथ ने एक मई 2018 को उमरीबेगमगंज थाने में तहरीर देकर कहा कि उसने अपने नातिन मोनिका देवी की शादी थाना उमरीबेगमगंज क्षेत्र के ग्राम अचकवापुर मौजा लिलोई कला निवासी गग्गू से की थी। शादी के बाद से ही दहेज की मांग को लेकर वह मोनिका को प्रताड़ित करता था।
रात में पिटाई करके उसने मोनिका को फांसी के फंदे पर लटका दिया। रामनाथ की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने विवेचना की और आरोपी पति गग्गू के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। विचारण के दौरान अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय/विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट नितिन श्रीवास्तव नेे अभियुक्त गग्गू को 10 साल कारावास और चार हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।