फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

औषधीय पौधों की खुशबू से महक रहा स्कूल

विज्ञापन
विज्ञापन
गोंडा। स्कूल में अब पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को औषधीय पौधे की जानकारी भी मिल रही है। परसपुर शिक्षा क्षेत्र के कंपोजिट स्कूल अभईपुर में शिक्षकों ने ऐसे पौधे लगाए हैं जो औषधीय गुणों से भरपूर हैं। आनुष्ठानिक महत्व के पौधे भी लगाए गए हैं। बच्चों को इन पौधों के गुणधर्म के बारे में भी बताया जा रहा है ताकि वे इन पौधों का उपयोग जान सकें। कई सालों तक डायट में प्रशिक्षु शिक्षकों को शिक्षा देने के बाद स्कूल में प्रधानाध्यापक के पद लौटे विजय कुमार पांडेय ने यह पहल स्कूल में की है। इससे पूरे स्कूल में शैक्षिक वातावरण बेहतर होने के साथ ही प्राकृतिक ज्ञान की अलख जग रही है।
विज्ञापन

उन्होंने विद्यालय परिसर में पौधों का रोपण कराया है जिनमें से एक रुद्राक्ष का पौधा देखने के लिए गांव के लोग भी आते हैं। ग्रामीण शिक्षकों से पौधों के बारे में समझते भी हैं। शिक्षक इन्हें पौधरोपण के लिए प्रेरित भी करते हैं। इसके साथ ही तेजपत्ता, खजूर, पाम, सायकस व लौंग समेत एक दर्जन से अधिक प्रजातियों के पौधे लगे हैं। अब इन पौधों में फल भी आने लगे हैं। यहां के शिक्षकों ने अपने संसाधनों से यह पहल की है।
वहीं, अब बेसिक शिक्षा विभाग ने भी 200 स्कूलों को किचन गार्डेन के लिए बजट दिया है। पांच-पांच हजार रुपये की दर से एक लाख रुपये का बजट दिया गया है। बीएसए डॉ. अखिलेश प्रताप सिंह बताते हैं कि शिक्षकों की पहल बेहतर है। अब 200 स्कूलों को बजट दिया गया है जिससे वे फुलवारी व किचन गार्डेन विकसित कर सकें। कुछ पौधे रसोई के काम भी आएंगे और बच्चों को शिक्षा भी मिलेगी। (संवाद)
विज्ञापन

स्कूल में वैज्ञानिकों के नाम से कक्षों को बांटा गया है। सीवी रमन व डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन आदि के नाम से कक्षाओं का संचालन होता है। कंप्यूटर लैब के साथ ही पुस्तकालय भी है। बच्चों को भित्ति-लेखन के जरिए कई तरह की जानकारी भी दी जाती है। वहीं पब्लिक एड्रेस सिस्टम भी लगा है। इस तरह कई अनूठी पहल हो रही है। यह पहला स्कूल है जहां टीसी फोटो सहित दी जाती है। इस पहल से क्षेत्र के नौनिहालों का स्कूल में मन भी लग रहा है।
खंड शिक्षा अधिकारी फिजा मिर्जा ने बताया कि बेहतर ढंग से स्कूल का संचालन करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है जिससे छात्रों में उत्साह है। कई स्कूल नए प्रयोग कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें