पुरानी पेंशन बहाली तथा नई पेंशन नीति समाप्त किए जाने की मांग को लेकर शिक्षकों ने आरपार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एशोसिएशन एवं अटेवा पेंशन बचाओ मंच के बैनर तले शिक्षक शुक्रवार को बांह में काली पट्टी बांधकर सड़क पर उतर आए।
कलेक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन करते हुए शिक्षकों ने प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। इस दौरान शिक्षकों ने पुरानी पेंशन नीति बहाल किए जाने की मांग करते हुए उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी।
शुक्रवार को शिक्षण कार्य के बाद अटेवा पेंशन बचाओ मंच एवं विशिष्ट बीटीसी वेलफेयर एशोसिएशन के बैनर तले बांह में काली पट्टी बांधकर शिक्षक कलेक्ट्रेट पहुंचे और विरोध प्रदर्शन शुरु कर दिया।
कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन को संबोधित करते हुए मंच के संयोजक सच्चिदानंद सिंह ने कहा कि पिछले 11 वर्षो से शिक्षक लगातार पुरानी पेंशन नीति को बहाल करने की मांग करते आ रहे है लेकिन सरकार हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है।
सह संयोजक राघवेंद्र उपाध्याय ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली के लिए लखनऊ से लेकर दिल्ली तक आंदोलन चलाया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में शिव कुमार सोनी, दिलीप, धर्मेन्द्र, स्वाती, सरिता शुक्ला, सत्येंद्र सिंह, मंजू, सुषमा, उपमा, ममतारानी, ज्योत्सना, विभा, संतोष, विजय, दिनेश, राजकुमार आदि शिक्षक मौजूद रहे।
पुरानी पेंशन नीति की बहाली को लेकर पचपेड़वा में भी धरना प्रदर्शन किया गया। अटेवा पेंशन बचाओ मंच के बैनर तले शिक्षकों ने पचपेड़वा में चक्का जामकर विरोध प्रदर्शन किया। बीआरसी पचपेड़वा में ताला जड़ विरोध जताते हुए शिक्षकों ने कहा कि जबतक पुरानी पेंशन नीति बहाल नहीं की जाएगी हमारा आंदोलन जारी रहेगा।