करनैलगंज/ विश्नोहरपुर। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश और शारदा, गिरिजा व सरयू बैराजों से बढ़ते जलप्रवाह के चलते सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार शाम चार बजे एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 105.780 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 106.070 मीटर से महज 29 सेंटीमीटर नीचे है।
नदी का पानी तराई क्षेत्रों में तेजी से फैलने लगा है। कई स्थानों पर कटान भी तेज हो गई है। इसे देखते हुए प्रशासन और सिंचाई विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। बाढ़ विभाग के अनुसार अयोध्या में सरयू नदी का जलस्तर 91.980 मीटर पर स्थिर बना हुआ है।
यहां खतरे का निशान 92.730 मीटर तथा उच्चतम बाढ़ स्तर 94.010 मीटर है। फिलहाल नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है, लेकिन विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। वर्तमान में नदी में कुल 2,68,501 क्यूसेक पानी प्रवाहित हो रहा है। इसमें गिरिजा बैराज से 1,17,776 क्यूसेक, शारदा बैराज से 1,46,172 क्यूसेक तथा सरयू बैराज से 4,553 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
बैराजों से लगातार बढ़ रहे डिस्चार्ज का सीधा असर नदी के जलस्तर पर दिखाई दे रहा है। हालांकि नदी के किनारे की मिट्टी काटकर चौड़ाई में फैल रही है लेकिन तटवर्ती इलाकों में पानी का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए एल्गिन-चरसड़ी तटबंध सहित संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी तेज कर दी गई है। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता जय सिंह ने बताया कि विभाग की टीमें 24 घंटे जलस्तर पर नजर रखे हुए हैं।
तटबंधों का नियमित निरीक्षण कराया जा रहा है और जहां भी बारिश के कारण रेनकट्स बने हैं, उन्हें तत्काल भरवाया जा रहा है। उन्होंने बहुवन मदार मांझा, मांझा रायपुर और चंदापुर किटौली के पास तटबंधों का निरीक्षण किया।
कटान करती सरयू नदी।
कटान करती सरयू नदी।