गोंडा। विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह व उनके सहयोगियों के खिलाफ एफआईआर के मामले में सोमवार को नया मोड़ आ गया। एफआईआर के आदेश के खिलाफ राज्यमंत्री के प्रतिनिधि और दो सहयोगियों ने सत्र न्यायालय में निगरानी वाद की याचिका दायर की थी, लेकिन बाद में इसे वापस लेने के लिए प्रार्थनापत्र दे दिया। इस पर न्यायालय ने निगरानी वाद खारिज कर दिया है।
मनकापुर कोतवाली के ग्राम भिटौरा निवासी अजय सिंह ने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में प्रार्थनापत्र दिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि विपक्षियों ने उनकी पत्नी मनीषा सिंह के नाम बैनामाशुदा 16 डिसमिल भूमि का पुनः बैनामा तीन साल पुराने स्टांप पर बैकडेट में कराया। इस मामले में वर्ष 2024 में मनकापुर कोतवाली में केस दर्ज कराया तो राजनीतिक दबाव में पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी।
अजय सिंह ने आरोप लगाया कि दबाव बनाने और जमीन लेने के लिए विदेश राज्यमंत्री व गोंडा सांसद कीर्तिवर्धन सिंह के प्रतिनिधि राजेश सिंह निवासी धुसवा ने उसके व पत्नी मनीषा सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। साथ ही कई अन्य आरोप लगाए। इस पर 11 अगस्त 2025 को विशेष न्यायालय एमपी/एमएलए/सिविल जज सीनियर डिवीजन अपेक्षा सिंह ने मनकापुर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक को विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह समेत पांच आरोपियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था।
इस आदेश को चुनौती देते हुए राजेश सिंह, पिंकू और सहदेव यादव ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में निगरानी प्रस्तुत कर आदेश निरस्त करने की मांग की, लेकिन सोमवार को सुनवाई के दौरान निगरानीकर्ताओं के अधिवक्ता ने नाॅट प्रेस्ड प्रार्थनापत्र दे दिया। इस पर प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार तृतीय ने निगरानी वाद निरस्त कर दिया।