शासन की ओर से चीनी मिलों को गन्ना भुगतान की दी गई मोहलत की समय सीमा खत्म हो गई है। इसके बावजूद चीनी मिलें किसानों के गन्ना मूल्य के 40 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बकाएदारी देने का नाम नहीं ले रही हैं। जिले की तीन चीनी मिलें किसानों के गन्ना मूल्य के दूसरी किस्त का 66.55 करोड़ रुपये दबाए बैठी हैं। सूखे व आपदा की चौतरफा मार खाए पस्त किसानों की प्रमुख गन्ने की नगदी फसल का पैसा फंस जाने से किसानों के सभी बड़े कार्य ठप पड़ गए हैं।
पहले यह तय हुआ था कि चीनी मिलें गन्ना खरीद के 14 दिन के भीतर 230 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान करेंगी। इसके बाद पेराई बंद होने के बाद 40 रुपये प्रति क्विंटल के अंतर मूल्य का भुगतान करेंगी। लेकिन चीनी मिलों के प्रभाव में आकर सरकार ने उन्हें तीन माह की और मोहलत दे दी। सरकार की ओर से दी गई मोहलत की मियाद खत्म हो चुकी है, लेकिन अभी तक किसी चीनी मिल की ओर से अंतर मूल्य के दूसरी किस्त का पैसा नही दिया गया है।
किसान गन्न्ना भुगतान के लिए भटक रहे हैं। इस मामले में चीनी मिल के अफसर भी चुप्पी साधे हुए हैं। जिला प्रशासन की बैठकों में चीनी मिल के बड़े अफसर आने के बजाय अपने प्रतिनिधियों को भेज रहे हैं। किसानों की कोई समस्या सुनने के लिए कोई चीनी मिल अधिकारी सामने नही आ रहा है।
जिले की एक मात्र बजाज हिंदुस्तान चीनी मिल किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान में सबसे फिसड्डी रही है। मिल की मनमानी पर ही इस चीनी मिल के चीनी व शीरा स्टाक को जिला प्रशासन ने जब्त कर रखा है। इसके अलावा चीनी मिल के एमडी कुशाग्र बजाज समेत छह अफसरों पर किसानों का शोषण करने व धोखाधड़ी करने समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराया है।
मिल के सभी अफसर गिरफ्तारी के डर से फरार है। बड़े लोगों का मामला होेने से मोतीगंज थाने की पुलिस ने भी प्रभाव में आरोपियों को अभयदान दे रखा है। इस चीनी मिल पर 230 रुपये प्रथम किस्त के हिसाब से ही 48.38 करोड़ रुपये से अधिक की बकाएदारी है। पुलिस के कार्रवाई न करने से चीनी मिल की ओर से गन्ना मूल्य भुगतान में तेजी नही आ रही है।
इनसेट
चीनी मिलवार गन्ना मूल्य के 40 रुपये अंतर बकाएदारी की स्थिति
चीनी मिल कुल गन्ना खरीद बकाया रकम
मनकापुर चीनी मिल 74.57 29,82,80,000
मैजापुर चीनी मिल 27.28 10,91,20,000
बजाज चीनी मिल 64.54 25,81,60,000
कुल - 166.39 66,55,60,000
नोट- गन्ना खरीद लाख क्विंटल में व बकाएदारी की रुपये में है।