जिले में शुक्रवार आधी रात को आई तेज आंधी ने कई स्थानों पर भारी तबाही मचाई। आंधी के चलते सैकड़ों पेड़ उखड़ गए। कई मकानों के छज्जे व टीन आदि उड़कर दूर जा गिरे। बिजली के तमाम पोल तथा तार भी टूट गए।
इससे शनिवार को पूरे जिले की बिजली गुल रही। 33 हजार व 11 हजार लाइन के टूटे तार जोड़ने में विभागीय कर्मी जुटे तो रहे, लेकिन शाम चार बजे तक जिला तो दूर मुख्यालय की विद्युत आपूर्ति भी बहाल नहीं हो सकी थी। आंधी व बारिश से किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है।
जिले में शुक्रवार मध्य रात्रि करीब डेढ़ बजे अचानक तेज आंधी आई। हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि घरों में सो रहे लोग देख सहम गए। हवा के बीच ही बारिश शुरू हो गई। तेज आंधी के चलते नगर तथा देहात क्षेत्र के तमाम पेड़ जड़ से उखड़ गए।
कई स्थानों पर पेड़ गिरने से घर, दुकान व बाउंड्रीवाल आदि डैमेज हो गई। हवा तथा बारिश का प्रकोप करीब एक घंटे तक जारी रहा। जगह-जगह बिजली के खंभे व तार आंधी के कारण टूटकर गिर गए। रेहरा बाजार थाना क्षेत्र के नहरपुरवा निवासी जलालुद्दीन की भैंस आंधी से गिरे पेड़ के नीचे दबकर मर गई।
शुक्रवार रात आंधी के चलते गुल हुई पूरे जिले की बिजली शनिवार को 16 घंटे बाद भी नहीं बहाल हो सकी। बिजली कर्मी टूटे खंभों व तारों की मरम्मत में जुटे थे। एक्सईएन पावर कॉरपोरेशन मोतीलाल ने बताया कि शनिवार शाम तक मुख्यालय की विद्युत आपूर्ति बहाल होने की संभावना है। तुलसीपुर तथा उतरौला क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति रविवार तक ही सामान्य हो पाएगी। आंधी व बारिश के चलते भारी नुकसान हुआ है।
आंधी के साथ हुई हल्की बारिश के चलते लोगों को भीषण गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली है। किसानों की भी बारिश से काफी फायदा हुआ है। पानी की कमी के चलते सूख रही गन्ने की फसल को बारिश से संजीवनी मिल गई है।