डीएम आशुतोष निरंजन ने किसानों के गन्ना मूल्य के बकाएदारी पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कम भुगतान करने पर बजाज चीनी मिल के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। डीएम ने किसानों के गन्ना रकबे का सर्वे सही तरीके से करने के निर्देश मिल अफसरों को दिए।
डीएम ने बजाज चीनी मिल के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिये कि वे अपने मिल मालिकान से बात करके जल्द से जल्द किसानों के बकाया का भुगतान कर दें। उन्होंने मिल के अधिकारियों को चेतावनी दी कि निर्देशों पर अमल न करने पर सख्त कार्रवाई होगी।
इस दौरान जिला कृषि अधिकारी पीएन सिंह ने बताया कि बजाज चीनी मिल ने अभी तक मात्र 57 फीसदी गन्ना मूल्य का भुगतान किया है। बैठक में सर्वे कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। जिला गना अधिकारी पीएन सिंह ने बताया कि मनकापुर चीनी मिल क्षेत्र में 47 प्रतिशत, मैजापुर में 49, कुन्दुरखी में 49, बभनान में 62, बलरामपुर में 71, हैदरगढ़ में 77, मसौधा में 83, जरवल रोड में 33 व चिलवरिया में 50 फीसद गन्ने का सर्वे जीपीएस प्रणाली से हो चुका है।
जिला गन्ना अधिकारी पीएन सिंह ने जानकारी दी कि 9990 हेक्टेयर में शरद कालीन गन्ने की बोआई का लक्ष्य बनाया गया है। 10 प्रतिशत गन्ने की बोआई ट्रेंच विधि, डबल बड के अलावा सहफसली कराया जाना है। अक्टूबर से गन्ने की बोआई के लिए बीज प्रबंधन के लिए विभागीय व चीनी मिल अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में डीसीओ ने गन्ना आयुक्त के सह फसली खेती पर दिये गए जोर के बाद जारी किए गए निर्देशों की जानकारी दी। बैठक में मैजापुर चीनी मिल के अपर महाप्रबंधक गन्ना पीके चतुर्वेदी, बलरामपुर चीनी मिल के महाप्रबंधक राजीव गुप्ता, बजाज कुन्दुरखी चीनी मिल के महाप्रबंधक जीआईडी पाण्डेय ,मनकापुर के महाप्रबंधक यूकेएस विसेन समेत गन्ना विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।