गोंडा। बेसिक शिक्षा के स्कूलों में भीषण लापरवाही बरती जा रही है। अधिकारी स्कूल का निरीक्षण भी करते हैं, लेकिन उन्हें समस्या नही दिखती। कुछ ऐसा ही हाल झंझरी के कपूरपुर कंपोजिट स्कूल का था।
हालत ये है कि यहां के प्राइमरी परिसर में बने रसोई में पांच दिनों से सांप एक बिल में बैठा था। खाना बनाने वाली रसोईयां भी सहमी रहती थीं और बच्चे भी डरे रहते थे। स्कूल का खंड शिक्षा अधिकारी ने निरीक्षण भी किया, लेकिन वे भी ये समस्या नहीं समझ सके।
स्कूल में लगातार सांप के होने की जानकारी बुधवार को डीएम मार्कंडेय शाही को हुई। उन्होंने तत्काल जिला प्रभागीय वनाधिकारी को कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद सांप पकड़ा गया और बच्चों ने राहत की सांस ली।
कंपोजिट स्कूल कपरपुर झंझरी में बीते पांच दिनों से सांप के होने से करीब दो सौ बच्चे सहमे हुए थे। रसोइयां किसी तरह खाना बनाती थीं, खाने की रखवाली भी करती थीं। कहीं सांप खाने के संपर्क में न आए। सांप पकड़वाने के लिए कोई गंभीर नही हुआ।
यहां तक की बीईओ मंगलवार को निरीक्षण पर भी गए और उन्होंने न ही इस समस्या की जानकारी की और न ही उन्हें इसकी जानकारी दी गई। स्कूल की शिक्षिकाओं ने पहल की, तब मामले की जानकारी जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही को हुई। उन्होंने तत्काल डीएफओ को निर्देश दिया कि सांप पकड़वाएं और रिपोर्ट दें।
जिला प्रभागीय वनाधिकारी राज कुमार त्रिपाठी ने बताया कि डीएम के निर्देश पर वन विभाग के अभिषेक प्रताप सिंह को जिम्मेदारी दी गई। रघुनाथ पांडे ने स्कूल पहुंच कर रेस्कयू किया और सांप को पकड़ा। स्कूल की शिक्षिकाओं ने जिलाधिकारी के साथ ही वन विभाग की टीम का आभार जताया।