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Gonda News: गंभीर दिव्यांग बच्चों की घर पर ही होगी पढ़ाई

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राम कृपाल त्रिपाठी
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गोंडा।
ऐसे बच्चे जो स्कूल आने-जाने में असमर्थ हैं, अब उन्हें उन्हें घर पर ही पढ़ाया जाएगा। ताकि गंभीर दिव्यांग बच्चों का भविष्य भी संवर सके। समुचित पठन-पाठन व सेहत के लिए लाखों रुपये खर्च कर उपकरण व पाठन सामग्री खरीदी गई है। स्पेशल एजुकेटर व फिजियोथेरेपिस्ट के माध्यम से पढ़ाई व सेहत दोनों का ध्यान रखा जाएगा।
जिले में गंभीर दिव्यांगता से पीड़ित 251 बच्चे चिह्नित किए गए हैं। ये बच्चे विद्यालय पहुंचने में असमर्थ हैं। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से इन बच्चों के पठन-पाठन के लिए होमबेस्ड एजुकेशन के इंतजाम किए हैं। इन बच्चों के लिए उपयोगी उपकरणों की खरीद की गई है। ये उपकरण बच्चों को उनके घर पर मुहैया कराए जाएंगे। उनको घर पर ही पढ़ाने के लिए विशेष प्रशिक्षित 49 स्पेशल एजुकेटर लगाए हैं।
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यूनीसेफ की मदद से 11 फिजियोथेरेपिस्ट जिलेभर में दिव्यांग बच्चों को मदद देने के लिए तैनात किए गए हैं। जिला समन्वयक राजेश सिंह ने बताया कि एक-एक स्पेशल एजुकेटर को तीन-तीन न्याय पंचायतों की जिम्मेदारी दी गई है। प्रत्येक एजुकेटर का विद्यालयों में पहुंचने की समय सारिणी निर्धारित है।
बहु-दिव्यांग बच्चों को स्टेशनरी, उपकरण व सीखने के लिए जरूरी संसाधन मिलने के बाद घर-घर जाकर पढ़ाई में सहयोग करेंगे। विशेष मांग पर भी दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों की फिजियोथेरेपिस्ट मदद करेंगे। (संवाद)
प्रति बच्चे 35-35 सौ रुपये किए गए खर्च
उपकरणों पर 35-35 सौ रुपये प्रति बच्चे पर खर्च किया गया है। इसमें लकड़ी व प्लास्टिक के विभिन्न मॉडल, अल्फाबेटिक हिंदी-अंग्रेजी, नंबर आकार, आकृति, म्यूजिकल उपकरण, शरीर के अंग, किचेन व डॉक्टर सेट, फल, सब्जियां, यातायात के साधन, विभिन्न प्रकार के पैग बोर्ड के अलावा पिक्टोरियल चार्ट्स, हिंदी-अंग्रेजी वर्णमाला, गिनती, पहाड़ा, पशुओ-पक्षिओं के चार्ट, सेंसरी स्टिमुलेशन किट, मल्टी सेंसरी फ्लैश बोर्ड और दैनिक जीवन से संबंधित क्रियाकलाप से जुड़ी माॅडीफाइड सामग्री समेत अन्य उपयोगी उपकरण हैं।
मंडल में कुल 589 बच्चों को लाभ देने की तैयारी
देवीपाटन मंडल के गोंडा व बलरामपुर समेत बहराइच व श्रावस्ती में कुल 589 अति गंभीर दिव्यांग बच्चों को चिह्नित किया गया है। इनके उपकरणों की खरीद पर लगभग 21 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। इसमें गोंडा के 251, बलरामपुर के 120, बहराइच के 124 और श्रावस्ती के कुल 84 बहु दिव्यांग बच्चे हैं।
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उपकरण मिलने के बाद होगी सहूलियत
जिले में कुल 251 गंभीर दिव्यांग बच्चे हैं। जो विद्यालय पहुंच पाने में असमर्थ हैं। इन बच्चों को पढ़ाई के लिए पठन-पाठन की सामग्री की खरीदारी की गई है। विशेष प्रशिक्षित स्पेशल एजुकेटर लगाए हैं। सेहत की देखभाल के लिए फिजियोथेरेपिस्ट मुहैया होंगे।
- प्रेमचंद यादव, बीएसए
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