मनकापुर (गोंडा)। ग्राम प्रधान व पशु तस्कर के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मंगलवार को उसके तीन मकानों को सील कर दिया। इससे पहले एसडीएम, सीओ की मौजूदगी में करोड़ों की संपत्ति को कुर्क कर सीलिंग की कार्रवाई कर मुनादी कराई गई।
कोतवाली क्षेत्र के भिटौरा गांव के मजरा अगनी पुरवा निवासी नंद किशोर बरुआर पुत्र रामदीन उर्फ कोयलाहे बरुआर जो उक्त गांव का मौजूदा प्रधान है। पुलिस के मुताबिक प्रधान नंद किशोर पशु तस्कर व गैंगस्टर सहित दर्जनों जरायम अपराधों का आरोपी है। जिसके द्वारा अपराध करके अर्जित की गई चल-अचल संपत्ति को जिला मजिस्ट्रेट डॉ. नितिन बंसल के आदेश पर मंगलवार को एसडीएम हीरा लाल, सीओ राम भवन यादव की मौजूदगी में मनकापुर-नाबगंज मार्ग पर करोड़ों रुपये से बने तीन मकान को कुर्क कर सील कर दिया गया। उसके खेतों को भी लाल झंडी लगा कर कुर्क की कार्रवाई की गई है।
एसडीएम हीरालाल के मुताबिक डीएम के आदेश पर अपराध से जुड़े हुए पशु तस्कर प्रधान नंद किशोर बरवार द्वारा गोहत्या कर अर्जित किए गए (8 करोड़ 41 लाख 50 हजार) की अकूत संपत्ति को कुर्क करके डुग्गी मुनादी कराई गई है। गोवंश तस्कर मौके से चल संपत्ति में लग्जरी वाहन, ट्रैक्टर, ट्रक, बाइक आदि को लेकर फरार हो गया है। जिसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करके कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त उसकी तमाम बेनामी संपत्ति भी है जिसे भी कुर्क किया जाएगा। इस मौके पर सर्किल के धानेपुर, मोतीगंज, खोड़ारे, छपिया, मनकापुर कोतवाली की पुलिस फोर्स के साथ पीएसी के जवान मौजूद रहे।
गिड़गिड़ाती रही पत्नी व बच्चे
कुर्की, मुनादी के दौरान बेघर हुए बच्चों को शरण देने के लिए प्रधान की पत्नी अंजना देवी, माता कुन्ना देवी व पिता रामदीन अधिकारियों के सामने हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन एसडीएम ने ऊपर के आदेश का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया।
प्रधान नंद किशोर बरवार का आपराधिक इतिहास
नंद किशोर कोतवाली मनकापुर का हिस्ट्रीशीटर है। इस पर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के थानों में गोवध निवारण व पशु क्रूरता सहित अन्य आपराधिक मामलों में मुकदमा पंजीकृत है। कुशीनगर, गोंडा के मनकापुर कोतवाली में गैंगस्टर का मामला पंजीकृत है। उक्त मामले की विवेचना छपिया थाने में चल रही थी जिसकी रिपोर्ट पर कुर्की की कार्रवाई हुई है। इसके अतिरिक्त बलरामपुर, बस्ती, फैजाबाद, अयोध्या, पटहेरवा, हाटा सहित अन्य कई जनपदों के थानों में भी गोवध निवारण व पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामले दर्ज हैं।