बड़ी कंपनियों को बैक डोर से टेंडर देने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को ठेकेदार समिति ने सिंचाई विभाग के दफ्तर का घेराव कर नारेबाजी की। ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों व राजनेताओं ने आपस में गठजोड़ कर जिले में होने वाला सारा काम बड़ी कंपनियों को दे दिया है, जिससे उनके सामने काम का संकट खड़ा हो गया है।
प्रदर्शन कर रहे ठेकेदार समिति के महामंत्री सुजीत सिंह, अयोध्या नरेश पांडेय, नंद कुमार शुक्ला, बड़कऊ, संजय कुमार, जनमेजय सिंह, संतोष यादव, जयचंद्र सिंह, अनिल श्रीवास्तव, देवेश पांडेय, विक्रम सिंह, संजय सिंह, बृजेश, अन्नू मिश्र व अखिलेश दुबे ने बताया कि मुख्य अभियंता सरयू नहर परियोजना प्रथम ने मनमाने ढंग से जिले में होने वाली नहरों की सफाई का काम बड़ी-बड़ी कंपनियों को दे दिया है, जिससे जिले में सिंचाई विभाग के तहत काम करने वाले ठेकेदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। काम न मिलने से ठेकेदार बेरोजगार हो गए हैं।
ठेकेदारों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई और बड़ी कंपनियों को मिला टेंडर रद नहीं किया जाता है तो वह उग्र आंदोलन करेंगे। अभी तो उन्होंने इसके विरोध में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया है।
लेकिन अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो उनका यही आंदोलन आमरण अनशन में तब्दील हो जाएगा। ठेकेदार समिति ने सरयू नहर परियोजना के अधिकारियों को चेतावनी पत्र देकर उनकी मांगों का समाधान किए जाने की मांग की है।