फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सियासत के फेर में फंसा नौनिहालों का भविष्य

विज्ञापन
फोटो-13-गोंडा में इटियाथोक स्थित प्राथमिक विद्यालय अहिरौलिया। (संवाद) - फोटो : GONDA
विज्ञापन
गोंडा। प्रदेश में सियासी चक्रवात चल रहा है, पार्टियों के साथ ही अधिकारी भी सियासी दांवपेंच में व्यस्त हैं। इसमें बेसिक स्कूलों के शैक्षिक सत्र की चिंता किसी को नही रही। कोरोना काल के बाद पटरी पर लौट रही शिक्षा व्यवस्था एक बार फिर प्रभावित होते दिख रही है। शिक्षा व्यवस्था विधानसभा चुनाव के चलते सुस्त पड़ने जा रही है। एक अप्रैल से नया सत्र शुरू होने जा रहा है। अभी तक पाठ्य पुस्तकों के वितरण के बारे में कोई तैयारी नही हैं। जिले में किताबों की कोई खेप ही नही आई है। बताया जा रहा है कि वितरण में करीब तीन माह का समय लगता है। ऐसे में साफ है कि नया सत्र बेशक एक अप्रैल से शुरू हो जाएगा। लेकिन, नौनिहालों को बिना पाठ्य पुस्तकों के ही स्कूल में पढ़ने को मजबूर होना पड़ेगा।
विज्ञापन

परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक से लेकर आठवीं तक के विद्यार्थियों को हर साल पाठ्य पुस्तक और स्कूल ड्रेस, बैग, स्वेटर, जूते-मौजे निशुल्क वितरित किए जाते हैं। नया सत्र लागू होने से तीन माह पहले ही इनके वितरण की तैयारी शुरू हो जाती है। विद्यार्थियों का सत्र एक अप्रैल से शुरू होने जा रहा है। अभी तक पुस्तकों के वितरण के लिए कोई प्रक्रिया ही नही शुरू हो सकी है। जिले के 3100 परिषदीय स्कूलों में चार लाख के करीब बच्चे पढ़ रहे हैं, उन्हें समय से पुस्तकों का वितरण कराने में समय तो लगना ही है। यही नही सिर्फ पुस्तकें ही नहीं, अन्य योजनाओं के बारे में स्थिति साफ नही है। बीत रहे शैक्षिक में छात्रों को दी जाने वाली योजनाओं को नकद दिया गया था। स्थिति अभी तक स्पष्ट नही है। स्कूल बैग, ड्रेस, जूते-मौजे और सर्दियों में स्वेटर का पैसा अभिभावकों के खातों में सीधे डीबीटी के माध्यम से भेजा था। प्रत्येक बच्चे को 1100 रुपये इनकी एवज में दिए गए थे। इस बार अभी तक स्थिति स्पष्ट नही की गई है।
नए सत्र के आदेशों का इंतजार कर रहे हैं अफसर
बेसिक स्कूलों में एक अप्रैल से शैक्षिक सत्र 2022- 23 शुरू हो जाएगा। विद्यार्थियों को अप्रैल में पाठ्य पुस्तकों का वितरण होना संभव नहीं लग रहा है। उधर, विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्कूल बैग और स्वेटर की राशि का नकद भुगतान किया जाएगा या सामग्री खरीद कर वितरित की जाएगी, इसके लिए कोई आदेश नही आया है। पहली कक्षा में ही एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया जाना है। वहीं, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत भी पाठ्यक्रम का निर्धारण होना है। अब तक आदेश आ जाने चाहिए थे, लेकिन जिले में कोई जानकारी नही मिल सकी है। इससे विभागीय अधिकारियों की नजर भी शासन पर है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें