फोटो- 21- गोंडा के नवाबगंज ब्लाक के प्राइमरी स्कूल महेशपुर में स्कूली बच्चे। संवाद
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गोंडा। कोरोना संक्रमण से बीते दो सालों में स्कूली शिक्षा प्रभावित रही। अब स्कूल खुले हैं तो बच्चे नए जोश और उमंग के साथ स्कूल आ रहे हैं। बच्चों के चेहरे पर खुशी लौट आई है। सबसे ज्यादा पढ़ाई बेसिक स्कूलों की प्रभावित हुई, जिसमें बच्चे स्मार्ट फोन न होने से ऑनलाइन शिक्षा हासिल करने में पीछे रहे। फिर से स्कूलों में कार्यक्रमों के साथ पढ़ाई पटरी पर आ रही है। कई स्कूलों में स्मार्ट क्लास की शुरुआत से बच्चों में उत्साह है।
कोरोना काल में स्कूल बंद होने पर मोबाइल, इंटरनेट की कमी के कारण कई बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई का लाभ नहीं ले पाए। स्कूल खुलने से ऐसे बच्चे खासे उत्साहित हैं। दो साल बाद ऑनलाइन से ऑफलाइन दौर में पढ़ाई में लौटने के बाद विद्यार्थियों में बदलाव नजर आ रहे हैं। छात्रों की मानें तो स्कूल में शिक्षकों से जानने का अवसर मिलता है। नवाबगंज के प्राइमरी स्कूल महेशपुर में छात्रों को नए तरीके से शिक्षा देने की पहल हो रही है। वहां के छात्रों में खासा उत्साह है। कई स्कूल में नए प्रयोग किए जाने से छात्रों का स्कूल में मन लग रहा है।
स्कूलों में पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए अभियान शुरू किया गया है। स्मार्ट स्कूलों के संचालन की पहल हो रही है। इसके अलावा नए तरीके से पढ़ाई के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है। स्कूल चलो अभियान से हर स्कूल में कार्यक्रम किए जा रहे हैं। डॉ. अखिलेश प्रताप सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी