गोंडा। मनरेगा योजना की 22 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं में गोलमाल की जांच शुरू हो गई है। कटरा बाजार ब्लॉक में बड़े पैमाने पर गोलमाल का खुलासा हुआ है। शनिवार को शासन से आए अधिकारी की जांच में घपला मिलने पर दो ग्राम विकास अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। जांच में अवर अभियंता व मनरेगा के तकनीकी सहायक की मिली भगत उजागर हुई है। तकनीकी सहायक की बर्खास्तगी तय मानी जा रही है।
कटरा बाजार क्षेत्र के पंचायतों की जांच शासन स्तर से हो रही है। यहां करोड़ों रुपये के घपलों का पर्दाफाश हो चुका है। बिना कार्य कराए ही 14 परियोजनाओं पर बजट निकालने के मामले की जांच अभी चल ही रहीं हैं। इसके साथ ही ब्लॉक में मनरेगा से 22 करोड़ से चलने वाली करीब दो हजार परियोजनाओं में खर्च हो चुके करीब 17 करोड़ के बजट में भी गोलमाल की जांच में कइयों की गर्दन फंसनी तय है।
अपर आयुक्त मनरेगा ने एक ही दिन की जांच में 51 लाख रुपये का घपला उजागर कर पूरे ब्लॉक की परियोजनाओं में हो रहे गोलमाल का संकेत दिया है। अभी पांच और गांवों की जांच होनी है जो शासन के निशाने पर हैं। इसके अलावा नदियों, जलाशयों की सफाई और संपर्क मार्गों के निर्माण शामिल हैं। विकास के नाम पर ब्लॉक से हो रहे खेल की भनक अधिकारियों को लगी तो जांच में तेजी आई। मुख्य विकास अधिकारी ने ब्लॉक की परियोजनाओं की पड़ताल की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए थे। 14 परियोजनाओं में लाखों की हेराफेरी के मामले की जांच हो रही थी कि मनरेगा और पंचायत राज के 14वें वित्त के बजट मेें गोलमाल का एक और मामला सामने आ गया।
अपर आयुक्त मनरेगा योगेश कुमार ने कटरा में परियोजनाओं की जांच किया तो दोहरी आईडी बनाकर भुगतान निकाले जाने की पुष्टि हुई है। मामले में सीडीओ आशीष कुमार ने परियोजनाओं के कार्य प्रभारी ग्राम विकास अधिकारी बृजेश तिवारी व पवन गुप्त को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा अवर अभियंता अभय कुमार पांडेय व मनरेगा के तकनीकी सहायक दुर्गेशमणि त्रिपाठी के विरुद्ध कार्रवाई की तैयारी चल रही है। सीडीओ ने बताया कि तकनीकी सहायक की सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की जा रही है।
अभी हो रही जांच में और अधिकारी की गर्दन फंसेगी। जांच के दायरे में कटरा बाजार के पूर्व खंड विकास अधिकारी अनिरुद्ध प्रताप सिंह के अलावा अवर अभियंता, एडीओ पंचायत, अन्य तकनीकी सहायकों और ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। माना जा रहा है कि ब्लॉक की एक दर्जन पंचायतें ऐसी हैं जहां अधिक कार्य कराए जाते हैं और उन पंचायतों का रिमोट कहीं और ही है। इससे फर्जीवाड़ा करने में आसानी होती है। अब मामलों से पर्दा उठने की शुरुआत से ब्लॉक के अफसरों व कर्मचारियों में खलबली मची है।
पूर्व विधायक ने की घोटाले की सीबीआई व ईडी से जांच की मांग
गोंडा। विकास खंड कटरा बाजार में हुए करोड़ो रुपये के घोटाले की ईडी व ईओडब्ल्यू से जांच कराये जाने की मांग की है। इस बारे में कटरा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक बैजनाथ दूबे ने बताया कि वर्ष 2010 से घोटाला किया जा रहा है। योजनाओं से विकास कार्य के नाम पर फर्जी कागजात बनाकर बजट का धन निकाल लिया जाता है। सरकार के स्वच्छ भारत मिशन जैसे महत्वपूर्ण योजनाओं के अलावा आवास व मनरेगा का पैसा बिना काम कराये निकाल लिया गया। गो आश्रय केंद्र के नाम पर मिले धन का घोटाला कर लिया गया है। ब्लॉक प्रमुख के प्रतिनिधि ने अपने लड़के की बनी फर्म के नाम से मनरेगा योजना के बड़े धन को फर्जी तरीके से निकाल लिया है जबकि इसकी ब्लॉक प्रमुख को पता ही नहीं है। उन्होंने बताया कि वह जल्द ही डीएम व सीएम के अलावा शासन के अधिकारियों से मिलकर इसकी शिकायत करने के साथ जनता का पैसा लूटे जाने पर जनआंदोलन चलाएंगे।
ब्लॉक में नहीं मिल सके पंचायतों के अभिलेख
कटरा बाजार ब्लॉक के पंचायतों की जांच में अभिलेख न मिलने से दिक्कत आईं। ब्लॉक पर अभिलेख नहीं मिले तो अपर आयुक्त ने नाराजगी भी जताई। बाद में शनिवार की देरशाम तक सर्किट हाउस में कुछ पंचायतों के अभिलेखों को लेकर पंचायत के अधिकारी आए। अभिलेखों का परीक्षण भी हुआ है लेकिन अभी स्थलीय जांच होनी है। जिससे पंचायतों के अधिकारियों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं।
सत्ता के छांव के बिना नहीं चलती कटरा की गाड़ी
कटरा बाजार ब्लॉक के विकास योजनाओं में हो रहे खेल किसी से छुपे नहीं हैं। ब्लॉक पर सत्ता की छांव हर बार रहती है। सपा सरकार में एक प्रभावशाली मंत्री की कृपा ब्लॉक के अधिकारियों पर रही और कई मामले चर्चा में आए लेकिन फाइलों में सिमट कर रह गए। इसके बाद सत्ता बदली तो कटरा ने फिर पाला बदल लिया। विकास के लिए सत्ता के प्रभावशाली नेता की कृपा हासिल कर रखी है। इससे खुलासे तक ही फर्जीवाड़े सीमित रहती है कार्रवाई तक मामला जाते-जाते गुम हो जाता है। इस बार जांच से उम्मीद तो जगी है लेकिन दांवपेंच फिर तेज हो गया है।
प्रारंभिक जांच में ही बड़े पैमाने पर घपले का खुलासा हुआ है। दो ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को निलंबित किया गया है। एक तकनीकी सहायक के बर्खास्तगी की कार्रवाई की जा रही है। अवर अभियंता भी जांच के दायरे में आए हैं। जो भी दोषी मिलेगा कार्रवाई की जाएगी। -आशीष कुमार, सीडीओ