रुपईडीह (गोंडा)। राष्ट्रीय आजीविका मिशन योजना के स्वयं सहायता समूहों के बजट में 49 लाख के घपले की जांच खरगुपुर पुलिस कर रही है। इसी बीच पूरे घपले का मास्टरमाइंड मिशन प्रबंधक कुलदीप तिवारी ब्लाॅक में ही घूमता रहा। एक अधिकारी से बंद कमरे में लंबी बात भी की। इस दौरान पुलिस उसकी तलाश का दावा करती रही।
महिलाओं को पंचायत स्तर पर ही स्वरोजगार मुहैय्या कराने की योजना में बड़े पैमाने पर सरकारी बजट का बंदरबांट हुआ था। सीडीओ अंकिता जैन ने मामले में कड़ा रुख अपनाया और जांच कराने के बाद एफआईआर दर्ज कराने का आदेश बीडीओ अभय कुमार को दिया। पूरे मामले में मिशन प्रबंधक के साथ ही समूह संचालकों और विभिन्न फर्माें के प्रोपराइटरों की भूमिका बजट को हड़पने में उजागर हुई और 17 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई। मिशन प्रबंधक कुलदीप बृहस्पतिवार को ब्लॉक परिसर में उत्तर प्रदेश सरकार लिखी कार से घूमता दिखा। ब्लाॅक के एक अधिकारी से उसने मुलाकात भी की। इसकी भनक तक पुलिस को नहीं लग सकी।
वहीं, बृहस्पतिवार को खरगूपुर थाने में तैनात मुकदमे के विवेचक अखिलेश यादव भी ब्लाॅक पहुंचे और उन्होंने बीडीओ अभय कुमार का बयान लिया। बताया कि उन्होंने जांच शुरू कर दी है।