करनैलगंज। बारिश और बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के कारण सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदी अब खतरे के निशान से महज 1.16 मीटर नीचे बह रही है। तटवर्ती गांवों के किसानों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन और बाढ़ खंड ने निगरानी बढ़ा दी है।
एल्गिन ब्रिज स्थित केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे सरयू नदी का जलस्तर 104.91 मीटर दर्ज किया गया। नदी का खतरे का निशान 106.07 मीटर है। नदी खतरे के स्तर से केवल 1.16 मीटर नीचे बह रही है। अधिकारियों के अनुसार गिरिजा, शारदा और सरयू बैराजों से 66,056 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण सरयू के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है।
बढ़ते जलस्तर का असर तटवर्ती क्षेत्रों में साफ दिखाई देने लगा है। बाढ़ खंड की ओर से संवेदनशील स्थानों पर कटान रोकने के लिए सुरक्षात्मक कार्य तेज कर दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल सभी तटबंध सुरक्षित हैं और उनकी नियमित निगरानी की जा रही है।
बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता जय सिंह ने बताया कि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और कुछ स्थानों पर धीमी गति से कटान हो रही है। विभाग की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और आवश्यकता के अनुसार सुरक्षात्मक कार्य कराए जा रहे हैं।
उपजिलाधिकारी नेहा मिश्रा ने बताया कि सभी बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया है। राजस्व, पुलिस, सिंचाई और अन्य संबंधित विभागों की टीमें तटवर्ती क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रही हैं। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।