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सरयू नदी में फिर उफान, रिंग बांध से ही उम्मीद

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उमरीबेगमगंज गोंडा। सरयू नदी में फिर उफान से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बैराजों से तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से नदी में डिस्चार्ज शुरू हो गया है। नदी का बहाव तेज होने से और ऐली परसौली के विशुनपुरवा के पास बांध में कटान होने से पानी गांवों में फैल सकता है। अभी तक रिंग बांध पूरी तरह तैयार नहीं हो पाया है, ऐसे में पानी का बहाव और तेज हुआ तो ऐली परसौली के 36 गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। नदी के तेवर से सहमे गांव के लोग गांव छोड़ने को मजबूर हैं। नदी में हो रहे उफान से सिंचाई एवं बाढ़ कार्य के अधिकारियों में खलबली मची है, रिंग बांध ही गांवों में बाढ़ फैलने से रोक सकता है। ऐसे में अधूरे बांध का काम पूरा करने में सोमवार से तेजी दिखी।
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नदियों का जलस्तर एक बार फिर से बढ़ने लगा है जिससे ग्रामीणों की धड़कन तेज हो गई हैं वहीं सिंचाई विभाग के हाथ-पांव फूलने लगे हैं। ऐली परसौली में विशुन पुरवा के सामने तटबंध टूटने के बाद बनाए गए रिंग बांध की ऊंचाई बढ़ाने का काम शुरू कर दिया गया है। खबर छपने के बाद अब बाहर से मिट्टी मंगवा कर इस बांध की ऊंचाई बढ़ाई जा रही है। जिससे ऐली परसौली, दलेलनगर, भिखारीपुर खुर्द, फेहरा को बाढ़ की विभीषिका से बचाया जा सके। वहीं टूटे बांध के दोनों किनारों पर बचाव कार्य जारी है।
सोमवार को हल्की बरसात के बाद रिंग बांध के डैमेज होने की खबर को अखबारों ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी, जिसके बाद सिंचाई विभाग हरकत में आया और डैमेज कंट्रोल के साथ रिंग बांध की ऊंचाई और चौड़ाई बढ़ाने का काम शुरू कर दिया गया है। नेपाल से एक बार फिर से पानी छोड़े जाने की खबर के बाद माझा वासियों के हाथ-पांव फूलने लगे हैं और भीषण बाढ़ की आशंका जताई जा रही है। कई गांवों के लोग अपने घरों का सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन भी करने लगे हैं।
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नदी के बहाव का रफ्तार बढ़ती जा रही है और रिंग बांध का निर्माण नहीं हो पाया है। ऐसे में बांध में कटान के बाद नदी के निशाने पर आम चुके गांव के लोग अपने आप ही गांव छोड़कर निकल रहे हैं। कई लोगों ने तो अपने घर तक तोड़ दिए हैं और सामग्री निकाल लिए हैं। रिंग बांध बन भी जाए जो लोगों में सवाल है कि जलस्तर बढ़ने के बाद यह रिंग बांध कितना कारगर साबित होता है। हजारों परिवारों को यह बांध बाढ़ की विभीषिका से बचा पाएगा या नहीं इसको लेकर लोग सशंकित दिख रहे हैं। वहीं सोमवार को कटान पीड़ितों को प्रशासन की तरफ से पॉलिथीन व राहत किट का वितरण किया गया है।
बांध में कटान के बाद ऐली परसौली के 65 लोगों की जमीन और घर नदी में समा गए हैं। एसडीएम राजेश कुमार ने कटान पीड़ितों को सरकारी योजनाओं से जोड़कर पुर्नस्थापित करने का खाका खींचा है। जिन लोगों के पास भूमि नही है और मकान बनाने में दिक्क्त होगी, उन्हें पट्टे पर भूमि दी जाएगी। इसके साथ ही सरकार की तरफ से संचालित आवास योजना का लाभ दिलाने की कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री की ओर से आपदा में आवास योजना में शामिल करने की स्वीकृति पहले ही दे रखी है। वहीं बेलसर के बीडीओ सदानंद चौधरी ने बताया कि पीडितों को मनरेगा से काम देकर जीविकोपार्जन में मदद दी जाएगी। जो भी कार्य करना चाहेंगे उन्हें जॉबकार्ड देकर काम दिया जाएगा। इसके अलावा शौचालय आदि की योजनाओं से भी जोड़ा जाएगा।
नदी में बाहर से छोड़े गए पानी का असर दिख रहा है, रिंग बांध का कार्य तेजी से हो रहा है। पीड़ितों को हर संभव मदद दी जा रही है। जिनके घर व खेत नदी में समा गए हैं उन्हें सरकार की योजनाओं से जोड़कर स्थापित किया जाएगा।
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राजेश कुमार, एसडीएम
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