गोंडा के एलबीएस कालेज में संस्कृत संभाषण कार्यक्रम को संबोधित करते प्रवक्ता।
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गोंडा। श्री लालबहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज के तुलसी सभागार में संस्कृत विभाग से संचालित किये जा रहे सप्त दिवसीय संभाषण वर्ग के चौथे दिन संस्कृत संभाषण का शुभारंभ दिवस प्रमुख डॉ. केएन पांडेय अध्यक्ष रक्षाध्ययन विभाग एवं डॉ. अमन चंद्रा अध्यक्ष मध्यकालीन इतिहास विभाग ने किया। संस्कृत संभाषण के प्रति छात्रों में काफी उत्साह दिखा। छात्र-छात्राएं सामान्य संस्कृत के शब्द आसानी से बोल रहे थे। इतिहास विभाग की प्राध्यापिका डॉ. अमन चंद्रा ने कहा संस्कृत भाषा भारतीय संस्कृति की संवाहक है। संस्कृत पढ़ने वाले लोगों में नैतिकता, मानवीय संवेदना, समरसता, सरलता जैसे गुण स्वत: विद्यमान रहते हैं।
महाविद्यालय के एनसीसी प्रभारी व रक्षा अध्ययन विभागाध्यक्ष डॉ. केएन पांडेय ने कहा कि शांति की स्थापना के लिये युद्ध की अनिवार्यता के साथ नीति व अनीति की समुचित व्याख्या के लिये भगवद्गीता से उपयुक्त दूसरा कोई ग्रंथ नहीं है। विकासवाद, समाजवाद व मानवतावाद की चर्चा भगवद्गीता में पहले ही की जा चुकी है।
हिन्दी भाषा को समृद्ध व परिष्कृत बनाने के लिये संस्कृत भाषा का ज्ञान नितांत आवश्यक है। संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. मंशाराम वर्मा ने कहा कि पाठये संस्कृत जगति सर्वमानवान का लक्ष्य लेकर संस्कृत विभाग संस्कृत भाषा के विकास हेतु सदैव तत्पर रहेगा। रांची विश्वविद्यालय से आये प्रशिक्षक जगदंबा सिंह ने संकेतों, अभिनय, चित्रों एवं गीत के माध्यम से प्रशिक्षुओं को संस्कृत शब्द और वाक्य विन्यास का ज्ञान कराया।
दूसरे प्रशिक्षक रामभुलावन प्रजापति ने दूरभाष पर प्रशिक्षक जगदंबा सिंह से संस्कृत में बात किया, जिसे सुनकर छात्र अत्यंत रोमांचित हुए। संभाषण वर्ग में दिवस प्रमुखों के अलावा महाविद्यालय के मुख्य नियन्ता डॉ. जितेन्द्र सिंह, डॉ. राम समुझ सिंह, डॉ. शैलेन्द्रनाथ मिश्र, विनोद मिश्र, चन्द्रप्रकाश पांडेय आदि मौजूद रहे।