गोंडा। वर्ष 2014 में जमीन पर कब्जे को लेकर हुई मारपीट व जानलेवा हमले को लेकर दर्ज क्राॅस मुकदमे में शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय राजेश कुमार ने फैसला सुनाया है। एक पक्ष के सात व दूसरे पक्ष के पांच लोगों को सजा सुनाई गई है। इसमें सपा जिलाध्यक्ष अरशद हुसैन भी शामिल है।
कोतवाली देहात के ग्राम चिश्तीपुर 28 सितंबर 2014 को जमीन विवाद को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। पहले पक्ष में सरफराज हुसैन ने चिश्तीपुर के शाकिर अली, आरिफ, फिरोज खां, मोबीन, तसलीम, कयूब, मारूफ समेत 14 पर जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया था।
जबकि दूसरे पक्ष के शाकिर अली ने अरशद हुसैन, उनके भाई अफसार हुसैन व सरफराज हुसैन, ग्राम सरायजरगर के मासूम अली व दौलतपुर के गुलाम हैदर पर मारपीट का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया। विवेचना में सबूत मिलने पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
मुकदमे के दौरान पहले पक्ष के मुकदमे में आरोपी इदरीश व चुन्नन की मृत्यु हो गई। जबकि मो. जलील खां, वसीम खां, सद्दाम हुसैन, शाकिब और अख्तर की पत्रावली अभी अवर न्यायालय में विचाराधीन है। वहीं, शाकिर अली, आरिफ, फिरोज खां, मोबीन, तसलीम, कैय्यूम और मारूफ को सात साल कारावास और 54 हजार 250 रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
वहीं, दूसरे पक्ष के अरशद हुसैन (वर्तमान में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष), अफसार हुसैन, सरफराज हुसैन, मासूम अली व गुलाम हैदर को मारपीट के मामले में दो साल कारावास और 11 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।