जर्जर स्कूल भवन, खतरे में बच्चों की जान
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परिषदीय विद्यालयों में अध्यापकों की उपस्थिति की जांच के लिए सोमवार को बीएसए व उनकी टीम ने छपिया ब्लॉक के 70 विद्यालयों में एक साथ छापेमारी की। इस दौरान सात शिक्षक गैरहाजिर मिले। अधिकतर विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता काफी खराब मिली।
मुजेहना के प्राथमिक विद्यालय गरेरीपुरवा में अध्यापकों की फौज होने के बावजूद कक्षा पांच के छात्र हिंदी की किताब नहीं पढ़ सके। इस पर संबंधित अध्यापकों को फटकार लगाते हुए बीएसए ने व्यवस्था में सुधार लाने के निर्देश दिए। बीएसए ने बताया कि गैरहाजिर मिले शिक्षकों का वेतन रोकते हुए उनसे स्पष्टीकरण तलब किया है।
बीएसए व उनकी टीम ने मुजेहना, मनकापुर व छपिया शिक्षा क्षेत्र के करीब 70 परिषदीय विद्यालयों में एक साथ छापेमारी की। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह सबसे पहले मुजेहना पहुंचे और यहां के पांच प्राथमिक विद्यालयों का निरीक्षण किया।
प्राथमिक विद्यालय मुजेहना द्वितीय में प्रधानाध्यापिका मीनाक्षी अनुपस्थित मिलीं। प्राथमिक विद्यालय इटवाकवि में सहायक अध्यापक रामदेवलाल गैरहाजिर मिले। प्राथमिक विद्यालय बनकसिया शिवरतन सिंह में सहायक अध्यापिका सुमन सिंह गैरहाजिर मिली। सबसे खराब स्थिति प्राथमिक विद्यालय गरेरीपुरवा की मिली। इस विद्यालय में प्रधानाध्यापक जयप्रकाश समेत सलाउद्दीन, गौरव व नरसिंह नारायन की तैनाती है। इसके बावजूद यहां कक्षा पांच के बच्चे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को हिंदी पढ़कर नहीं सुना सके।
बीएसए ने इस पर सभी अध्यापकों को फटकार लगाते हुए शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के निर्देश दिए। इसके बाद बीएसए ने मनकापुर के प्राथमिक विद्यालय चौबेपुर का निरीक्षरण किया। यहां सहायक अध्यापिका विमला देवी गैरहाजिर मिलीं।
प्राथमिक विद्यालय मछलीगांव में शिक्षिका पूर्णिमा गुप्ता गैरहाजिर मिलीं। प्राथमिक विद्यालय बरदही मऊ में शिक्षक मानसिंह पटेल गैरहाजिर मिले। छपिया शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय खालेगांव की शिक्षिका नम्रता अवकाश पर मिलीं। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय छपिया की वार्डेन उर्मिला मौर्या बिना सूचना के विद्यालय से अनुपस्थित मिली। पूर्णकालिक शिक्षिका कमलेश भी बिना सूचना के विद्यालय से गैरहाजिर रहीं। बीएसए ने बताया कि गैरहाजिर मिले सभी अध्यापकों का वेतन रोक दिया गया है और उनसे स्पष्टीकरण तलब किया गया है।