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अतिक्रमण से सुबह-शाम लगता जाम, हर कोई परेशान

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फोटो-5-गोंडा के मसकनवा बाजार में जाम से जूझते लोग। -संवाद - फोटो : GONDA
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मसकनवा (गोंडा)। कस्बे का मुख्य चौराहा संकरा होने तथा बाजार बडे़ वाहनों के ज्यादा आवागमन ने कस्बे में जाम की समस्या बढ़ा दी है। सुबह हो या शाम, चौराहे पर रोज जाम लगा रहता है। इसके लिए अतिक्रमणकारी भी कम जिम्मेदार नहीं हैं। सहालग के मौसम में दो पहिया, चार पहिया व बड़े वाहनों के ज्यादा आवागमन से चौराहे पर रोज घंटों जाम लग जाता है। बाजार में सड़क के पटरियों तक अतिक्रमण होने से कस्बे में रोज लगने वाले जाम से लोगों को आवागमन में काफी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
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कस्बे का मुख्य चौराहा काफी संकरा होने से एक भी बडे़ वाहन के गुजरने पर गौराचौकी, मनकापुर, छपिया, बभनान सहित चौराहे के दक्षिण रेलवे क्रासिंग के उस पार तक बडे़ व छोटे वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। चौराहे के दक्षिण रेलवे क्रासिंग बंद होने पर जाम की समस्या और भी विकट हो जाती है। बाजार में बडे़ वाहनों द्वारा सड़क पर वाहन को खड़ाकर लदे हुए सामान को उतारने व सड़क पर वाहनों को खड़ी कर देने से आएदिन जाम लगता है। लंबी दूरी तक लगे जाम को खाली करवाने में स्थानीय पुलिस प्रशासन को घंटों मशक्कत करनी पड़ती है।
वहीं, चौराहे से रेलवे क्रासिंग के दक्षिण तक लगने वाले जाम में पीएचसी मसकनवा में प्रसव पीड़िता को ले जाने वाली एंबुलेंस आएदिन जाम में फंसी रहती है। पीएचसी जाने वाले मरीजों व उनके तीमारदारों को जाम से जूझना पड़ता है। विद्यालयों से परीक्षा देकर लौट रहे छात्र-छात्राएं जाम में फंसकर परेशान होते हैं। बाजार के मुख्य चौराहे सहित पूरे बाजार में सड़क की पटरियों पर भारी अतिक्रमण के चलते चौराहे व सभी मार्गों पर आएदिन लगने वाले लंबे जाम से ब्लॉक मुख्यालय, पीएचसी, रेलवे स्टेशन, डाकघर, गैस एजेंसी आदि स्थानों पर जाने वाले राहगीरों को जाम में फंसना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने जाम की समस्या से निजात पाने को मसकनवा बाजार को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग की है।
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