गोंडा। गांवों के एक-एक रकबे का हिसाब रखने की जिम्मेदारी रखने वाले 548 राजस्व लेखपालों की हड़ताल से राजस्व के कार्य थम गए हैं। जिले के 1821 राजस्व गांवों का 548 लेखपाल क्षेत्र तय है। इसके सापेक्ष 381 लेखपालों की ही तैनाती है और अतिरिक्त प्रभार से 548 लेखपाल क्षेत्र का प्रबंधन हो रहा है। 167 क्षेत्रों का प्रभार लेखपालों ने छोड़ दिया है ओर हड़ताल पर बैठ गए हैं। दो दिनों से लेखपालों की हड़ताल चल रही है और यह अभी और लंबी खींचती दिख रही है। इससे 5 लाख किसानों के साथ ही आय-जाति व निवास बनवाने वाले लोगों का काम फंसा है।
लेखपालों को क्षेत्र के कार्यों को करने के लिए विभाग से 3.33 रुपए रोज यानि 100 रुपए महीने ही मिल रहा है। इससे एक क्षेत्र में दो से तीन राजस्व गांवों का नियमित भ्रमण कैसे होगा यह चौकाने वाला है। लेखपालों की माने तो कम से कम 100 रुपए रोज यात्रा भत्ता होना चाहिए। वैसे तहसील में हाजिरी और अन्य कार्यों के लिए दौड़भाग करने में ज्यादा रुपए लगते हैं। लेकिन फिलहाल सम्मान जनक भत्ता मिले तो कार्य में आसानी होगी। 100 रुपए महीने में लेखपाल क्षेत्र का भ्रमण कैसे करें, यह अपने आप में सवाल तो है ही। इसके बावजूद लेखपाल काम करते हैं और हर कार्यक्रम का पर्यवेक्षण भी करते हैं।
बताया जा रहा है कि हर महीने एक लेखपाल क्षेत्र से जुड़े दस से 20 मामलों की जांच लेखपालों करनी पड़ती है, इसके अलावा जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र जारी करना पड़ता है। इसके लिए भौतिक सत्यापन की जरुरत बताई जाती है। इसके साथ ही खेतों का सीमांकन हो या फिर खतौनियों को शुद्धिकरण, यह सारे कार्य लेखपालों को करना होता है। राजस्व रिकॉर्ड को दुरुस्त किए रखने के लिए समय समय पर गांवों में लेखपालों को जाना पड़ता है। इससे हर दिन 100 से 200 रुपए का खर्च यात्रा पर होना तय है। लेखपाल संघ के जिला मंत्री राम बहादुर पांडे कहते हैं कि लेखपालों से राजस्व मामलों के अलावा मतदाता सूची का पर्यवेक्षण किया जाता है। सुविधा के नाम पर सिर्फ दबाव ही है। आय, जाति व निवास के लिए राजस्व परिषद से 5 रुपए की राशि भी नही मिल रही है। ऐसे में लेखपाल कैसे काम करेंगे। प्रशासन की अनदेखी से खफा लेखपालों ने अतिरिक्त प्रभार वाले 167 क्षेत्रों का बस्ता जमा कर दिया है। अब वे उन क्षेत्रों में नही जाएंगे। अतिरिक्त प्रभार के लिए कोई अतिरिक्त भत्ता नहीं मिल रहा है। जो भत्ते हैं वह पर्याप्त नहीं है।
लेखपालों के आंदोलन से जिले के 12365 प्रमाण पत्र लंबित
जिले में मांगों को लेकर चल रहे लेखपालों की हड़ताल से 12365 प्रमाण पत्र लंबित हो गया है। उनका सत्यापन नही हो पा रहा है और प्रमाण पत्र फंसा है। लोग तहसील और लोकवाणी केंद्र का चक्कर काट रहे हैं। चारो तहसील में जाति प्रमाण पत्र के 1504, आय के 4303, निवास के 6208 और हैसियत के 350 आवेदन लंबित हैं। इन प्रमाण पत्रों को जारी करने में लेखपालों का सत्यापन अनिवार्य है और बिना उनके सत्यापित के इन्हें जारी नहीं किया जा सकता है। आन लाइन इन आवेदनों के लंबित होने से कई तरह से दिक्कत हो गई है।
लेखपाल हुए मुखर, बोले मांगे न मानी गईं तो होगा धरना
लेखपाल संघ का हड़ताल लागातर जारी है। दूसरे दिन भी लेखपालों ने मांग किया कि उनकी मांगों को प्रशासन जानबूझकर नहीं मान रहा है। अब जिले स्तर पर धरना होगा। धरने की अध्यक्षता पुजारी प्रसाद ने किया। जिला मंत्री राम बहादुर पांडे ने कहा कि हमारी जायज मांगो की अनदेखी ठीक नहीं है। ऑडिटर राम प्रकाश पांडे ने मांगो पर विस्तार से चर्चा की। खंड मंत्री आशुतोष मिश्र ने कहा कि लेखपालों के साथ अन्याय बर्दाश्त नही है। मंत्री आत्मा राम वर्मा, सूर्य नरायन, मनोज कुमार, अर्जुन सिंह, संजय पांडे, संचालक रामेश्वर प्रसाद पांडेय, करुणेश कुमार, प्रशांत विक्रम, काश्तकार यादव आदि रहे।