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पंचायत चुनाव में नकली शराब बेंचने वाले गैंग का खुलासा

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गोंडा के पुलिस लाइन सभागार में अवैध शराब बनाने के आरोपियों के साथ पुलिस की टीम। - फोटो : GONDA
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गोंडा। पंचायत चुनाव में घटिया व मिलावटी शराब बेंचने के धंधे का भंडाफोड़ पुलिस ने करते हुए इसकी सप्लाई से जुड़े गिरोह के पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास 120 लीटर नकली शराब के साथ ही शराब बनाने की सामग्री बरामद की गई।
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नकली शराब बनाने वालों के तार कानपुर व दिल्ली से जुड़े मिले। पुलिस ने जिले में क्यूआर कोड़ व रैपर सप्लाई करने के आरोप में कानपुर निवासी कवलजीत सिंह वालिया को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्र ने बताया कि मिलावटी शराब की पैकिंग बिल्कु
ल असली के तरह करके सप्लाई की जा रही थी। इसमें दिल्ली व एनसीआर से जुड़े धंधेबाजों के नाम भी सामने आए हैं। उनकी धरपकड़ के लिए अलग अलग पुलिस टीमें गठित कर कार्रवाई की जा रही है।
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पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पंचायत चुनाव को सकुशल व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए अभियान चलाकर अवैध शराब बनाने, बेचने व परिवहन करने वालों की धरपकड़ को संचालित अभियान के दौरान ही थाना मनकापुर पुलिस ने मिलावटी शराब बनाने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है।
थाना मनकापुर, एसओजी व आबकारी की संयुक्त टीम ने मुखबिर खास की सूचना पर ग्राम महादेवा स्थित एक मकान में छापामारी कर अपमिश्रित व घटिया शराब बना कर बेच रहे पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से मिलावटी शराब के साथ ही अलग अलग ब्रांड के रैपर, क्यूआरकोड व परिवहन में प्रयुक्त एक मोटर साईकिल बरामद की।
तलाशी के दौरान आरोपित अश्वनी जायसवाल, गिरजेश सोनी व विजय जायसवाल के कब्जे से अवैध चाकू भी बरामद हुआ। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि मिलावटी शराब बना कर बेचने के लिये शहर का संजय जायसवाल उन लोगों को क्यू आर कोड व शराब कंपनियों के नकली रैपर कानपुर के कवलजीत सिंह वालिया से उपलब्ध कराता था।
उसी रैपर व क्यूआर कोड का प्रयोग कर यूरिया, नौसादर व अन्य नशीले पदार्थों को मिश्रित कर यह घटिया मिलावटी शराब तैयार कर पंचायत चुनाव में खपाने की तैयारी थी। पकड़े गए आरोपी कवलजीत सिंह वालिया ने बताया कि वह नकली रैपर व कंपनियों के क्यूआर कोड को दिल्ली व अन्य राज्यों से कोरियर के माध्यम से पैकिंग कराकर मंगाता था।
5 हजार में बिकता था क्यूआर कोड
एसपी ने बताया कि कानपुर के वालिया ने बताया कि जिले में उनका एजेंट संजय जायसवाल है। जिसे वह पांच हजार क्यूआर कोड 1500 रुपये में भेजता है। बताया कि इसके बाद आगे एजेंट आगे इसे तीन हजार रुपये में दूसरा एजेंट विजय जायसवाल नकली शराब बनाने वालों को पांच हजार रुपये में बेचता है। बताया कि यह क्यूआर कोड और रैपर दिल्ली व एनसीआर के कई जिलों में काफी सप्लाई होता है। दिल्ली की सप्लाई करने वाले कम्पनी व एजेंटों की तलाश की जा रही है। यह क्यूआर कोड व रैपर अन्य कम्पनियों की तरह असली दिखाने के लिए शीशियों पर चस्पाकर असली की तरह ब्रिकी किया करते है।
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