गोंडा। कोरोना महामारी के चलते आर्थिक रूप से जूझ रहे व्यापारियों पर नगर पंचायत द्वारा बीते शनिवार को अचानक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया, जिससे व्यापारी वर्ग नगर पंचायत प्रशासन से खासा नाराज हैं।
मनकापुर व्यापार सेवा समिति द्वारा इस व्यापारी विरोधी गतिविधियों की जमकर आलोचना की गई है और इस मामले में समिति द्वारा मुख्यमंत्री को पत्र भेज कर व्यापारियों के नुकसान का मुआवजा देने की मांग की गई है।
कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रदेश सरकार ने बीते चार मई से लॉक डाउन घोषित कर दिया। जिससे कस्बा की सारी दुकाने बंद कर दी गईं और पुलिस का पहरा लगा दिया गया। पिछले साल के लॉक डाउन लगने से व्यापारियों की आर्थिक स्थित अभी तक सुधरी नहीं थी कि पुन: लॉक डाउन लग जाने से जहां व्यापारियों को भुखमरी का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं ईओ शिवमजी द्विवेदी बिना कोई सूचना दिए ही अचानक पुलिस बल के साथ रविवार को कस्बा के चौक बाजार में अतिक्रमण के नाम पर मनमानी की है। इस दौरान कई व्यापारियों द्वारा ईओ से कहा सुनी भी हो गई। लेकिन ईओ ने पुलिस प्रशासन के मौजूदगी में हथौड़ा चलवा कर अतिक्रमण हटवाते रहे।
व्यापारियों के भारी विरोध को देखते हुए ईओ ने अगले दिन अतिक्रमण हटवाने की चेतावनी देकर कार्य को रोक दिया। ईओ के इस कृत्य से व्यापारियों में खासा आक्रोश है। इस मामले में मनकापुर व्यापार सेवा समिति के अध्यक्ष गिरजेश कसौंधन व महामंत्री दुर्गेश सोनी उर्फ बबलू सोनी, पवन चौधरी ने संयुक्त रूप से प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को एक पत्र भेजकर कोरोना महामारी के दौरान आर्थिक स्थिति से जूझ रहे व्यापारियों पर इओ द्वारा किए गए उक्त अतिक्रमण अभियान के विरुद्ध कड़ी कार्यवाई करते हुए व्यापारियों के नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है।
अन्यथा समिति जनांदोलन के लिए बाध्य हो जाएगी। चेयरमैन प्रदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि उन्हें बिना बताए ही नगर पंचायत प्रशासन ने अचानक अतिक्रमण हटवाने का कार्य किया है, जिससे वह खुद स्तब्ध हैं। वहीं ईओ शिवम जी द्विवेदी ने बताया कि बोर्ड की बैठक में नाली से अतिक्रमण हटाने का प्रस्ताव पास है। प्रस्ताव रजिस्टर में चेयरमैन व सभासदों के हस्ताक्षर भी हैं।