रुपईडीह/गोंडा। आकांक्षी ब्लॉक रुपईडीह में स्वयं सहायता समूहों के संचालन में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। सामुदायिक निवेश निधि घोटाले में पुलिस ने पूर्व ब्लॉक मिशन मैनेजर और ग्राम संगठन, समूह और संकुल संघ की 12 महिला पदाधिकारियों के खिलाफ 1.15 करोड़ रुपये की हेराफेरी व गबन का केस दर्ज किया है।
खरगूपुर थाने में चार अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। रुपईडीह के सहायक विकास अधिकारी (ग्राम्य विकास) विष्णु प्रजापति ने बताया कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वयं सहायता समूह, ग्राम संगठन और संकुल संघ के माध्यम से महिलाओं को जोड़ा गया। इनकी आत्मनिर्भरता के लिए प्रत्येक समूह को पहले 1.10 लाख और बाद में इसे बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये सामुदायिक निवेश निधि जारी की जानी थी।
मगर तत्कालीन बीएमएम कुलदीप कुमार की मिलीभगत व सांठगांठ से समूह, ग्राम संगठन और संकुल संघ स्तर से नियमानुसार भुगतान के बजाय किसी ने 13, 21, 38 तो किसी ने 42 लाख रुपये जारी करवा लिया।
सीडीओ अंकिता जैन के निर्देश पर मामले की जांच कराई गई। आरोपों की पुष्टि के बाद 1.15 करोड़ रुपये गबन व हेराफेरी करने के आरोप में केस दर्ज कराया गया। इंस्पेक्टर शेषमणि पांडेय ने बताया कि चार-चार अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई। गहनता से छानबीन शुरू की गई है।