रुपईडीह/गोंडा। रुपईडीह ब्लॉक में समूहों के लाखों रुपये बंदरबांट के मामले में स्वत: रोजगार उपायुक्त ने अब ब्लॉक मिशन प्रबंधक कुलदीप तिवारी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है। उपायुक्त ने मिशन निदेशक से आरोपी ब्लॉक मिशन मैनेजर की सेवा समाप्ति के लिए पत्राचार किया है। आरोप है कि नियम के विपरीत ग्राम संगठन के खाते से 15.40 लाख रुपये सीधे पद्मजा ट्रेडर्स को भुगतान कर दिया गया।
स्वत: रोजगार उपायुक्त जेनएन राव ने आरोपी ब्लॉक मिशन प्रबंधक कुलदीप तिवारी से स्पष्टीकरण तलब किया मगर उसने कोई जवाब नहीं दिया।जेनएन राव ने बताया कि कुलदीप तिवारी की भूमिका की जांच के बाद मिशन निदेशक को सेवा समाप्ति के लिए संस्तुति भेजी है। आउटसोर्सिंग पर तैनाती होने के कारण के मिशन निदेशक स्तर से ही कार्रवाई हो सकती है। जल्द कार्रवाई की जाएगी।
जांच कमेटी को वाउचर नहीं दे रहे बैंक के अधिकारी
ग्राम्य विकास आयुक्त के निर्देश पर डीडीओ सुशील कुमार की अगुवाई वाली कमेटी पूरे ब्लॉक के स्वयं सहायता समूहों की जांच कर रही है। कमेटी के अधिकारियों का कहना है कि नियम विपरीत बैंकों से कैश व चेक के जरिए भुगतान किया गया है। ऐसे में बैंकों के मैनेजर व कर्मियों की भूमिका संदिग्ध प्रतीत हो रही है। बीते 30 सितंबर को डीडीओ सुशील कुमार श्रीवास्तव ने अग्रणी बैंक जिला प्रबंधक से वाउचर मांगे थे, लेकिन 12 दिन बाद भी उपलब्ध नहीं कराए गए। वहीं, अग्रणी बैंक के जिला प्रबंधक विनोद कुमार तिवारी का कहना है कि बैंकों के मर्जर की वजह से सर्वर नहीं चल रहा था। ऐसे में वाउचर नहीं दिए जा सके। कमेटी को भुगतान के वाउचर उपलब्ध कराए जाएंगे।