नवरात्र की नवमी को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव घरों तथा मंदिरों में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। लोगों ने भगवान राम की परिवार सहित पूजा कर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। दोपहर में शुरु हुआ राम जन्मोत्सव कार्यक्रम भजन व सोहर के साथ देर रात तक जारी रहा।
मान्यता है कि त्रेता युग में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जन्म चैत्र मास शुक्ल पक्ष की नवमी को दोपहर में हुआ था। इसी परंपरा के तहत शुक्रवार को भी घरों व मंदिरों में भगवान राम का जन्मोत्सव श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया गया।
शुक्रवार दोपहर मंदिरों में राम जन्म की भव्य झांकी सजाई गई। भजन व भक्ति गीतों के बीच लोगों ने धरती पर विष्णु अवतार भगवान राम के आगमन की खुशी मनाई। लक्ष्मी नरायन मंदिर नया पड़ाव में राम जन्मोत्सव की भव्य झांकी सजाई गई थी।
भक्तों ने बाल रूप भगवान राम का दर्शन कर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। महिलाओं ने सोहर लोकगीत गाकर भगवान राम के जन्म की खुशियां मनाई। अन्य मंदिरों व घरों में भी राम जन्मोत्सव मनाया गया।