नवरात्र की नवमी पर मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना के लिए मंदिरों व देवालय में श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। भक्तों ने माता रानी के दर्शन कर हवन-पूजन किया। जगह-जगह कन्या भोज आयोजित कर मां के बाल रूप की पूजा की गई।
प्रसिद्ध देवीपाटन शक्तिपीठ तुलसीपुर में शुक्रवार को देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं ने मां पाटेश्वरी तथा पीर रतननाथ की पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में कन्या भोज, मुंडन, कर्ण छेदन, उपनयन तथा अन्य धार्मिक व मांगलिक संस्कारों की धूम रही।
नौ दिन व्रत रहने वाले श्रद्धालुओं ने हवन-पूजन कर मां सिद्धिदात्री से जीवन की मुराद पूूरी होने की कामना की। भोर से ही माता रानी के दर्शन को श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। कतारबद्ध होकर लोगों ने दर्शन कर प्रसाद चढ़ाया।
बलरामपुर स्थित झारखंडी मंदिर, बड़की बहिनी मंदिर, समय माता मंदिर एवं कालीथान, बिजलीपुर स्थित मां बिजलेश्वरी देवी मंदिर, जरवा स्थित रहिया देवी मंदिर, उतरौला स्थित ज्वाला देवी तथा काली देवी मंदिर में नवमी के दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना का दौर सुबह से शाम तक जारी रहा। पंडितों व ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक नौ दिन व्रत रहने वाले श्रद्धालु शनिवार सुबह व्रत का परायण करेंगे।
नवरात्र में मंदिर व उनके रास्तों पर लोगों ने प्याऊ लगाकर भक्तों की सेवा की। तुलसीपुर देवीपाटन जाने वाले श्रद्धालुओं को एक परिवार के लोगों ने प्याऊ लगाकर शरबत व पानी पिलाया। शुक्रवार को बिजलीपुर मंदिर के निकट नगर पालिका परिषद के कर्मियों ने प्याऊ लगाकर श्रद्धालुओं को ठंडा पानी उपलब्ध कराया। नगर में डिग्री कॉलेज के निकट एक स्कूल प्रबंधक ने प्याऊ लगवाकर 48 घंटे श्रद्धालुओं को पेयजल वितरित कराया।