फोटो-5 गोंडा में नशा निरोधक दिवस पर साइकिल रैली निकालते एसीएमओ डॉ. एपी सिंह। -संवाद
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गोंडा। अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस पर रविवार को जागरुकता अभियान चलाकर लोगों को नशे का दुष्परिणाम बताया। जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से नशा मुक्ति जन जागरूकता रैली निकाली गई। स्कूलों व स्वयंसेवी संगठनों की ओर से नशा उन्मूलन गोष्ठी आयोजित की गई। जिसमें नशा मुक्ति का संकल्प दिलाया गया।
रविवार को जिला स्वास्थ्य समिति व रेडक्रास सोसाइटी की ओर से रैली निकाली गई। गांधी पार्क टाउनहाल से जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम मिश्र ने हरी झंडी दिखाकर साइकिल रैली को रवाना किया। एसीएमओ डॉ. एपी सिंह की अगुवाई में रैली गुुरुनानक चौराहा होते हुए जिलाधिकारी आवास तक पहुंची। लोगों ने स्लोगन के माध्यम से नशे के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में बताया। एसीएमओ ने कहा कि अस्पताल व शैक्षिक संस्थाओं के 100 गज के परिधि में किसी मादक पदार्थ की बिक्री नहीं होनी चाहिए। रेडक्रास सोसाइटी की ओर से भी इन दुकानों को हटवाया जाएगा। रैली में वर्षा सिंह, एके श्रीवास्तव, शिवम मिश्र, आमिर, डॉ रंजना गुप्ता, उमेश भरद्वाज, दीपमाला, पवन तुषार आदि रहे।
नशे से आजादी पखवाड़े का समापन
नशा उन्मूलन के लिए जिला मानसिक स्वास्थ्य इकाई की ओर से 12 जून से 26 जून तक नशे से आजादी पखवाड़ा का आयोजन किया गया। विभिन्न गांवों में जाकर लोगों को नशे के दुष्परिणाम से अवगत कराया गया। पखवाड़े के समापन पर रुपईडीह विकासखंड कार्यालय पर गोष्ठी आयोजित की गई।
गोष्ठी में डॉ. रंजना गुप्ता ने नशे से होने वाली मानसिक बीमारियों के बारे में जानकारी देते हुए तनाव प्रबंधन में साइकोथेरेपी का महत्व बताया। उमेश भारद्वाज ने बताया कि नशा जीवन को अंधकार की ओर ले जाता है। नशा करने वाला खुद के साथ पूरे परिवार के लिए घातक बन जाता है। नशे से मुक्ति पाने के लिए मानसिक स्वास्थ्य (मन कक्ष) के हेल्पलाइन नंबर 6392540889 व ड्रग डी एडिक्शन टोल फ्री नंबर 1800 11 0031 पर जानकारी लिया जा सकता है।