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बरसात के बाद बढ़ी मौसमी बीमारियां, ओपीडी में नदारद रहते डॉक्टर

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गोंडा में जिला अस्पताल के ओपीडी में खाली पड़ी डॉक्टर की कुर्सी, जमीन पर बैठे मरीज - फोटो : GONDA
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गोंडा। बारिश व जलभराव के कारण मौसम जनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। डेंगू के प्रकोप के साथ ही मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ने के साथ ही डॉक्टरों की कमी भी परेशानी बढ़ा रही है।
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ओपीडी में 11 बजे तक डॉक्टर की कुर्सी खाली रहने से दूर दराज से आए मरीजों को घंटो इंतजार करना पड़ता है। जिला अस्पताल में हर दिन करीब 12 सौ मरीज ओपीडी में आ रहे हैं। इनमें अधिकांश वायरल बुखार, मलेरिया व डेंगू के लक्षणों से पीड़ित बताए जाते हैं।
बुधवार को करीब 11 बजे डॉक्टर के ओपीडी में कुर्सी खाली रही वहीं ओपीडी कक्ष के सामने मरीजों का तांता लगा रहा। मरीजों की बढ़ी संख्या के कारण उन्हे जमीन पर बैठकर डॉक्टर का इंतजार करना पड़ा वहीं एक महिला स्ट्रेचर पर लेटी डॉक्टर का इंतजार कर रही थी।
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मौसमी बीमारियां बढ़ने से जिला अस्पताल के पुरुष व महिला मेडिकल वार्ड में बेड फुल हो गए हैं। इससे गैलरी में भी अतिरिक्त बेड की व्यवस्था करायी गयी है। अस्पताल का चिल्ड्रेन वार्ड भी फुल चल रहा है। 19 बेड के चिल्ड्रेन वार्ड में 20 बच्चे भर्ती कराए गए हैं।
वहीं डेंगू वार्ड में भी संभावित मरीजों को भर्ती कराया गया है। डेेगू के एक नए मरीज की पुष्टि होने के साथ ही अब तक मिले डेंगू के मरीजों की संख्या 13 पहुंच गई। जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ समीर गुप्ता बताते हैं कि मौसमी बदलाव के कारण ओपीडी मे सबसे अधिक सर्दी जुकाम व वायरल बुखार के मरीज आ रहे हैं। ऐसे में साफ सफाई व मच्छरों से बचाव बहुत जरूरी है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटरा बाजार में कोविड वैक्सीन का टीका लगाने के बाद लोगों को पेरासिटामोल दवा नहीं दी जा रही है। प्रशासन ने साफ तौर पर कह रखा है कि वैक्सीन लगवाने वाले व्यक्ति को दवा देकर ही घर भेजें लेकिन कटरा बाजार के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में वैक्सीनेशन के बाद में लोगों को दवाई नहीं दी जाती है।
क्षेत्र के पंकज कुमार, राजेश कुमार, महेश कुमार, सुनीता देवी, पुष्पा कुमारी आदि ने बताया कि कोविड़ का पहला टीका लगवाते समय भी दवा न होने का हवाला दिया गया था और दूसरे टीके में भी दवा नहीं है बाहर से ले लो ऐसा कह कर वापस कर दिया गया।
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