गोंडा। जिले में उर्वरक की दुकानों पर हुई छापेमारी से खाद व्यापारियों में दहशत है। रविवार की शाम को हुई छापेमारी में एक दुकान का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया और एक को कारण बताओ नोटिस जारी की गई। कुल 38 दुकानों पर छापेमारी हुई तथा 16 नमूने ग्रहीत किये गए।
जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही द्वारा जिले में उर्वरक निरीक्षकों की टीम बनाकर उर्वरक के समस्त थोक एवं फुटकर विक्रेताओं के यहां एक साथ छापेमारी की कार्रवाई कराई गई।
जिलाधिकारी द्वारा जनपद में जिला कृषि अधिकारी जेपी यादव को सदर एवं करनैलगंज तथा उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी शिव शंकर चौधरी को मनकापुर एवं तरबगंज में उर्वरक निरीक्षक नियुक्त करते हुए एक साथ समस्त थोक एवं फुटकर उर्वरक विक्रेताओं के यहां छापेमारी कराई गई।
जिसमें जिला कृषि अधिकारी द्वारा 26 दुकानों पर छापेमारी करते हुए 10 नमूने ग्रहण किए गए एवं एक दुकान को निलंबित कर एक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। निलंबित दुकान जय माता दी खाद भंडार करनैलगंज एंव इफ्को ई बाजार परसपुर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी शिव शंकर चौधरी द्वारा 12 दुकानों पर छापेमारी करते हुए 6 नमूना ग्रहीत किया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि यह छापेमारी की कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।
इसलिए सभी दुकानदार पीओएस मशीन से ही खाद की बिक्री करें तथा उर्वरक को प्राप्त करते समय ही तत्काल एक्नॉलेजमेंट करें। इसके साथ-साथ यदि कहीं भी किसी प्रकार के नकली उर्वरक की बिक्री या अधिक दर पर उर्वरक की बिक्री करते हुए कोई भी दुकानदार पाया जाएगा तो उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के सुसंगत धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।