गोंडा। शहर के जिला महिला अस्पताल सभागार में रविवार को आयोजित अमर उजाला संवाद में बेसमेंट में संचालित व्यावसायिक एवं चिकित्सा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था प्रमुख मुद्दा रहा। व्यापारियों, स्वास्थ्यकर्मियों और आम नागरिकों ने कहा कि मानकों की अनदेखी कर बेसमेंट में संचालित संस्थान किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं। उन्होंने ऐसे प्रतिष्ठानों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
संवाद कार्यक्रम में प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. टीपी जायसवाल, महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. देवेंद्र सिंह तथा एसीएमओ डॉ. आदित्य वर्मा ने लोगों की समस्याएं सुनीं। भरोसा दिलाया कि मानकविहीन चिकित्सा संस्थानों के खिलाफ अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
व्यवसायी दुर्गेश सिंह ने कहा कि भवनों का नक्शा पार्किंग के नाम पर पास कराया जाता है, लेकिन बाद में उन्हीं बेसमेंट में दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित होने लगते हैं। ऐसी स्थिति में आग या अन्य आपदा के समय लोगों के सुरक्षित बाहर निकलने का रास्ता नहीं बचता। अंकित तिवारी ने सवाल उठाया कि कई पैथोलॉजी और डायग्नोस्टिक सेंटर भी बेसमेंट में संचालित हो रहे हैं, जहां अग्निशमन सहित सुरक्षा के आवश्यक मानकों का पालन नहीं हो रहा है।
उन्होंने कहा कि इससे मरीजों और तीमारदारों की जान खतरे में पड़ सकती है। प्रभारी सीएमओ डॉ. टीपी. जायसवाल ने आश्वस्त किया कि ऐसे संस्थानों की जांच कर नियमों के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी। तीमारदार संजय कुमार ने ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित निजी क्लीनिकों में अग्नि सुरक्षा इंतजामों की कमी का मुद्दा उठाते हुए नोटिस जारी करने की मांग की।
एसीएमओ डॉ. आदित्य वर्मा ने कहा कि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। संवाद कार्यक्रम में सोनू दूबे, पंकज तिवारी, राजन यादव, डॉ. आरपी. सिंह, डॉ. वीके गुप्ता, डॉ. तारिक खान आदि मौजूद रहे।