गोंडा। बेसिक शिक्षा के तीन हजार परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले पौने चार लाख बच्चों के लिए स्वेटर खरीद प्रक्रिया सवालों से घिर गई है। कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने बेसिक शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर स्वेटर खरीद प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि स्वेटर खरीद में घपलेबाजी के लिए अपात्र संस्था का चयन किया गया है। इसमें उन्होंने बीएसए की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
सांसद की ओर से स्वेटर खरीद प्रक्रिया की जांच कराने की मांग से विभाग में खलबली मची है। वहीं, बीएसए डॉ. इंद्रजीत प्रजापति का कहना है कि स्वेटर खरीद प्रक्रिया जेम पोर्टल से हुई है और जिला स्तरीय समिति की निगरानी में प्रक्रिया पूरी हुई है। उन्होंने कहा कि सारी प्रक्रिया नियमों के तहत हुई है।
परिषदीय स्कूलों में स्वेटर खरीद के लिए आठ करोड़ रुपये से अधिक का बजट जारी हुआ है। स्वेटर की खरीद प्रक्रिया शुरुआती दौर में ही विवादों से घिर गई है। माना जा रहा है कि खरीद प्रक्रिया में इस बार कानपुर की संस्था का चयन हुआ है। इसमें जिले की कई संस्थाएं विभिन्न कारणों से बाहर हो गईं हैं। कैसरगंज सांसद ने मामले में कई तरह की हेराफेरी का आरोप लगाया है।
कानपुर की ही एक संस्था को एफडी लगाए जाने के कारण बाहर करने पर सवाल खड़े किए हैं। इसी तरह शहर की दो संस्थाओं को बाहर करने के कारणों पर सवाल खड़े किए हैं। सांसद ने स्वेटर आपूर्ति के लिए चयनित फर्म से आपूर्ति रोकने की मांग की है। इसके अलावा बीएसए की भूमिका की जांच कराने के लिए पत्र लिखा है।
माना जा रहा है कि मामला अभी और तूल पकड़ेगा। सांसद की ओर से ये मामला सीएम के दरबार में उठाने की भी तैयारी है।