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भारतीय किसान यूनियन ने किया प्रदर्शन

Mon, 16 May 2016 11:29 PM IST
अमर उजाला/गोंडा
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पंचायत में बोलते किसान नेता - फोटो : अमर उजाला
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किसान समस्याओं को लेकर सोमवार को भारतीय किसान यूनियन राष्ट्रवादी ने कलेक्ट्रेट परिसर में पंचायत लगायी। किसानों का गन्ना मूल्य का भुगतान न मिलने, नहर, बांध व चीनी मिलों की ओर से अधिग्रहण किये गये किसानों के भूमि का मुआवजा न मिलने किसानों के मामलों का समय से निपटारा न किये जाने को लेकर भाकियू ने जोरदार हुंकार भरी।
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संगठन के पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन को चेताया कि समय से किसानों की समस्याओं का निराकरण न किया गया तो वह उग्र आंदोलन चलाने को बाध्य होंगे। इस पर जिला प्रशासन के अफसरों के पंचायत में आकर आश्वासन देने पर किसानों ने सभा समाप्त की। भाकियू ने इस बाबत जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। 

पंचायत में भाकियू राष्ट्रवादी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम औतार सिंह की अध्यक्षता व संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीपी सिंह यादव की उपस्थिति में लगी पंचायत में किसानों दर्द छलका।
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संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राम चन्द्र सिंह ने कहा कि बजाज कुन्दुरखी चीनी मिल पर किसानों की बकाएदारी का भुगतान कराया जाए। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोहन लाल यादव ने किसानों को सूखा राहत न मिलने, गांव में अवैध तरीके से पटटे की जमीन अपात्रों को दिया जाने को रद्द करने का मुद्दा उठाया।

जिलाध्यक्ष राजकुमार वर्मा व प्रदेश प्रवक्ता जैसराज सिंह ने पुलिस उत्पीड़न का मुद्दा उठाया। इस बीच नगर कोतवाल अंगद राय ने कई बार संगठन के लोगों से ज्ञापन देने अनुरोध किया लेकिन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि कोई बड़ा जिम्मेदार अफसर नहीं आएगा तो वह गोंडा-लखनऊ मार्ग जाम करने या फिर डीएम कार्यालय की ओर कूच करने को बाध्य होंगे।

किसानों के  बढ़े आक्रोश को भांप कर आखिरकार एडीएम त्रिलोकी सिंह, एसडीएम सदर अविनाश कुमार व सीओ राजेश कुमार त्रिपाठी ने पंचायत में पहुंच कर किसानों की मांगे सुनीं। भाकियू पदाधिकारियों ने उन्हें एक मांग पत्र सौंपा। जिस पर एडीएम ने कई मांगों को जल्द पूरा कराने व अन्य मांगों को शासन को भेजने का आश्वासन दिया।  

भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता किसान समस्याओं को लेकर लम्बी लड़ाई की तैयारी करके आये थे। प्रदेश भर के करीब एक दर्जन जिलों से आये किसानों में अधिकतर किसान बोरी, थैले व बैग में राशन रखकर लाए थे।

कई कार्यकर्ताओं ने बताया कि कई समस्याओं को लेकर होने वाली  बड़ी पंचायतों में कार्यकर्ता राशन लेकर आते हैं, उनका कहना था कि प्रशासन के ध्यान न देने पर उसी दिन पंचायत की मियाद बढ़ा दी जाती है। आंदोलन को तेज कर दिया जाता है। 

भारतीय किसान यूनियन की ओर से किसान समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में लगाई गई पंचायत में पहली बार महिला किसानों ने भी अपनी  ताकत दिखाई बहराइच, सहारनपुर, फैजाबाद, श्रावस्ती, बलरापुर, बाराबंकी समेत कई जिलों कई महिला किसान भी आयी थीं। पंचायत में युवतियां व युवक भी शामिल हुए। किसान समस्याओं पर उनमें उबाल दिख रहा था। 
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