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फार्मासिस्ट आज से करेंगे तालाबंदी

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गोंडा। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे डिप्लोमा फार्मासिस्ट गुरुवार को आठवें दिन भी दो घंटे के सांकेतिक कार्य बहिष्कार पर रहे। जिससे जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर दो घंटे तक दवा तथा जांच के लिए मरीजों को भटकना पड़ा। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन अध्यक्ष के अनुसार शुक्रवार से आंदोलन तेज किया जाएगा जिसमें इमरजेंसी को छोड़कर पूर्ण हड़ताल किया जाएगा।
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डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के संयोजन में 20 सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहा फार्मासिस्टों का आंदोलन गुरुवार को भी जारी रहा। जिला अस्पताल में सुबह आठ बजे फार्मासिस्ट इकट्ठा होकर दस बजे तक प्रदर्शन कर नारेबाजी करते रहे। वहीं सीएचसी व पीएचसी पर 10 बजे से 12 बजे तक फार्मासिस्ट हड़ताल पर रहे।
इस दौरान मरीज परेशान हाल इधर से उधर भटकते नजर आए। दवा की पर्चियां बनवाने और दवा प्राप्त करने के लिए भीड़ लगी रही। फार्मासिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सालिकराम त्रिपाठी ने बताया कि हमारी मांगों को नजरंदाज किया जा रहा है। शुक्रवार से आंदोलन तेज किया जाएगा।
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डिप्लोमा फार्मासिस्टों की प्रमुख मांगें
फार्मासिस्ट प्रभारी अधिकारी फार्मेसी व विशेष कार्य अधिकारी फार्मेसी को संयुक्त निदेशक फार्मेसी के पद पर स्थापित कर वही वेतन दिया जाए। सभी प्रकार के भत्तों में बढ़ोत्तरी हो। फार्मासिस्ट संवर्ग का नाम बदला जाए। डॉक्टरों की अनुपस्थिति में चिकित्सीय कार्य कर रहे फार्मासिस्ट को विधिक मान्यता दी जाए। राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के अनुसार उप केंद्र पर तैनात सीएचओ (कम्यूनिटी हेल्थ ऑफीसर) की न्यूनतम शैक्षिक योग्यता डिप्लोमा फार्मेसी या बैचलर फार्मेसी किया जाय।
हड़ताल प्रभावित होगी स्वास्थ्य व्यवस्था
करीब 70 स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात 156 डिप्लोमा फार्मासिस्टों के सामूहिक हड़ताल से स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा जाएगी। फार्मासिस्टों के दावे के अनुसार शुक्रवार से इमरजेंसी को छोड़कर अन्य किसी भी स्थिति में औषधि भंडारों से औषधि तथा इंजेक्शन नहीं दिया जाएगा तथा विभिन्न जांचों में प्रयोग होने वाला रिजेंट भी नहीं दिया जाएगा। फार्मासिस्टों के नेतृत्व का निर्देश है कि औषधि भंडार की चाभी फार्मासिस्ट अपने साथ रखकर धरने में आएं। जिससे किसी भी स्वास्थ्य केंद्र पर दवा व इंजेक्शन न मिलने के साथ जांच भी नहीं हो पाएगी।
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