गोंडा। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की 2026 की वार्षिक परीक्षा को नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए शासन ने परीक्षा केंद्र निर्धारण की नई नीति जारी कर दी है। इस बार भी उन्हीं विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा, जहां सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था, हाई स्पीड वाई-फाई, पर्याप्त कक्ष, बिजली, फर्नीचर और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। 10 नवंबर से 30 दिसंबर तक केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पिछले सत्र में 149 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इसमें हाईस्कूल के 49,361 तथा इंटर में 45,789 परीक्षार्थी शामिल थे। इस वर्ष हाईस्कूल में 861 परीक्षार्थी बढ़े व इंटर में 1,549 परीक्षार्थी कम हुए हैं।
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. रामचंद्र ने बताया कि आगामी बोर्ड परीक्षा में जिले से हाईस्कूल के लिए 50,222 तथा इंटर के लिए 44,240 छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण कराया है। इन विद्यार्थियों के लिए विद्यालयवार छात्र संख्या और संसाधनों के आधार पर परीक्षा केंद्रों का चयन किया जाएगा। पिछले वर्ष जिले में 149 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इस वर्ष परीक्षार्थियों की संख्या देखते हुए केंद्रों की संख्या में मामूली कमी या वृद्धि संभव है। जिन विद्यालयों में मानक अनुरूप व्यवस्था नहीं होगी, उन्हें इस बार सूची से बाहर किया जा सकता है। शासन ने निर्देश दिया है कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी कैमरों की रीयल टाइम मॉनिटरिंग की सुविधा होनी चाहिए। परीक्षा कक्षों में कैमरे चालू रहें और जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक उन्हें लाइव देखा जा सके। इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों की भौतिक सत्यापन रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों द्वारा तैयार करके शासन के पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। डीआईओएस ने बताया कि परीक्षा केंद्रों का चयन पारदर्शिता के साथ किया जाएगा। सभी प्रस्तावों की जांच समिति के माध्यम से होगी, जिसके बाद अंतिम सूची शासन की स्वीकृति से जारी की जाएगी।
बनाई जाएगी केंद्र निर्धारण समिति
परीक्षा केंद्र निर्धारण के लिए छह सदस्यीय समिति बनाई जाएगी। इसमें अध्यक्ष जिलाधिकारी व सचिव जिला विद्यालय निरीक्षक होंगे। सदस्य के रूप में पुलिस अधीक्षक या उनकी ओर से नामित कोई एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, केंद्र से संबंधित तहसील के एसडीएम व जिले के दो वरिष्ठ प्रधानाचार्य शामिल रहेंगे।
परीक्षा केंद्र बनने के मानक
-सीसीटीवी कैमरे व वाइस रिकाॅर्डर से युक्त पर्याप्त कक्ष हों।
हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्शन, डीवीआर व अन्य जरूरी उपकरण हों।
-परीक्षा केंद्र में क्रियाशील कंप्यूटर सिस्टम व दो कुशल कंप्यूटर ऑपरेटर हों।
- प्रश्नपत्र रखने के लिए बेहतर स्ट्रांग रूम, परीक्षार्थियों के लिए पेयजल व शौचालय की पर्याप्त व्यवस्था हो।