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Gonda News: एक ही वेंडर को किया सर्वाधिक भुगतान, जांच के दायरे में आए सचिव

Sun, 02 Nov 2025 11:01 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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गोंडा। पंचायत के कार्यों को लेकर झंझरी व परसपुर ब्लॉक के पंचायत सचिवों ने एक ही वेंडर को सर्वाधिक भुगतान कर दिया। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल से खुलासा होने के बाद डीपीआरओ ने नोटिस जारी किया है। अब इन कार्यों की पड़ताल के साथ ही भुगतान की पत्रावली, बिल व वाउचर की जांच की जाएगी। इसके लिए पत्रावली तलब की गई है।
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अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में ग्राम पंचायत के कार्यों के लिए ई-स्वराज पोर्टल पर कार्ययोजना अपलोड करने के बाद सक्षम स्तर से अनुमति के बाद सचिवालय में लगे कंप्यूटर से पंचायत गेटवे पोर्टल के जरिए भुगतान किया गया। इस दौरान सचिवों ने ई-ग्राम स्वाराज पोर्टल पर पंचायतों के वित्त आयोग का डाटा अपलोड किया। प्रमुख सचिव पंचायतीराज ने पोर्टल की एनालिसिस रिपोर्ट की जांच की तो पता चला कि झंझरी व परसपुर ब्लॉक के सचिवों ने एक ही वेंडर को सर्वाधिक बार भुगतान किया है। अधिकारियों ने बताया कि ये भुगतान एक अप्रैल से 30 जून के बीच किया गया है। इसमें झंझरी ब्लॉक के कंसापुर, माझा तरहर, नरायनपुरवली, ताजपुर आदि पंचायतें चिह्नित की गईं हैं। इसी तरह से परसपुर ब्लॉक की तुलसीपुर, शिवगढ़, राजापुर आदि पंचायतों में एक ही वेंडर को सर्वाधिक बार भुगतान किया गया।
डीपीआरओ लालजी दूबे ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर संबंधित सचिवों को नोटिस जारी किया गया है। प्रारंभिक जांच के लिए सोमवार शाम चार बजे कार्यालय में तलब किया गया है। इस दौरान भुगतान की पत्रावली, बिल व वाउचर की जांच की जाएगी। इसके लिए झंझरी व परसपुर बीडीओ के माध्यम से सभी सचिवों को जानकारी दी गई है। साथ ही पत्रावलियों की जांच की जाएगी।
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इन सचिवों को जारी हुआ नोटिस
अधिकारियों के मुताबिक, परसपुर ब्लॉक के सचिव जितेंद्र गुप्ता, मनीष कुमार त्रिपाठी, उर्मिलेंद्र तिवारी, वैभव तिवारी, बसंत गुप्ता, सत्यप्रकाश यादव, सत्येंद्र कुमार सिंह, सुनील कुमार राम और विजय प्रकाश सिंह को तलब किया गया है। वहीं, झंझरी ब्लॉक के अरुण सिंह, अरुणिमा वर्मा, दीपक श्रीवास्तव, जितेंद्र कुमार, खेमराज वर्मा, कुसुम वर्मा, मुकेश राव, रमेश कुमार कनौजिया, सबाना प्रवीन और रोहित कुमार को तलब किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि अगर कोई भी सचिव कार्यालय में उपस्थित नहीं होता है तो माना जाएगा कि पंचायतों के कार्यों में भुगतान में वित्तीय अनियमितता की गई है। इसके लिए संबंधित सचिव खुद उत्तरदायी होंगे।
वेंडरों को हो चुका है लाखों रुपये का भुगतान
अधिकारियों ने बताया कि इन वेंडरों को सचिवों की ओर से लाखों रुपये का भुगतान किया गया है। हालांकि किस मद में, कहां काम कराया गया आदि पहलुओं की जांच की जाएगी। विभागीय सूत्रों का कहना है कि एक ही वेंडर को बार-बार भुगतान के बाद सचिव संदेह के घेरे में आ गए हैं। एक-एक वेंडर को 17 से 71 बार भुगतान किया गया है। झंझरी ब्लॉक में कुल मिलाकर 185 ट्रांजेक्शन हुए हैं। परसपुर ब्लॉक में भी अधिक बार भुगतान किया गया है।
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