परसपुर (गोंडा)। महिलाओं की आर्थिक समृद्धि के लिए स्वयं सहायता समूह वरदान बन गया है। महिलाओं की लगन और मेहनत रंग लाई। अपने काम के बल पर तरक्की की उड़ान भर रहीं हैं। परसपुर ब्लॉक के मधईपुर खांडेराय की किसान महिला स्वयं सहायता समूह ने भी कुछ ऐसा करके दिखाया है। 10 महिलाओं ने समूह बनाकर एक हेक्टेयर भूमि में तकरीबन 15 प्रजातियों के एक लाख 60 हजार पौधों की नर्सरी तैयार किया है। ब्लॉक में पहली नर्सरी है, जिससे पंचायतों में पौधरोपण अभियान में पौधों के लिए कहीं अलग नहीं जाना होगा। समूह से पंचायतें पौधे क्रय करेंगी, और पौधरोपण अभियान को सफल बनाएंगी।
पंचायतों को पौधे आपूर्ति कर समूह की महिलाएं कमाई करेंगी और नर्सरी का विस्तार करेंगीं। विकास खंड परसपुर का ग्राम पंचायत मधईपुर खांडेराय का ग्राम बरवनपुरवा में किसान महिला स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष जूही सिंह कहती हैं कि नर्सरी तैयार करने का कार्य पर्यावरण संरक्षण में सहयोग के लिए शुरू किया है। उनका कहना है कि पंचायतों को अनिवार्य रूप से समूह से पौधे लेना चाहिए। समूह की योजना और प्रभावी हो सके।
उन्होंने कहा कि आपूर्ति से कमाई होने पर वह नर्सरी में कई तरह के पौधों का रोपण करेंगी। कोषाध्यक्ष सरिता सिंह, सचिव शीला, सदस्य में सुनीता, सुनीता सिंह, सीमा देवी, आशा, अलीमुन, मालती व गोमती सिंह नर्सरी के कार्य में सहयोग करतीं हैं और मिलकर नर्सरी तैयार की हैं। एक हेक्टेयर (साढ़े बारह बीघा) भूमि में तकरीबन 15 प्रजातियों जिसमें आम, कटहल, नीबू, अमरूद, सागौन, खैर, गुलमोहर, सहजन, केशिया, आंवला, सेमर, हरी कचनार, सिंगरी व अर्जुन के एक लाख 60 हजार पौध तैयार हैं। जुलाई तक इस नर्सरी में और प्रजातियों के पौधों की बढ़ने की संभावना है।(संवाद)
ब्लॉक में दूर हुई पौधों की कमी
बीडीओ वर्षा सिंह कहती हैं कि ब्लॉक के ग्राम पंचायतों में पहले पौधरोपण के लिए बाहर की नर्सरियों से पौधे मंगाना पड़ता था। अब इसकी कमी दूर हो गई है। इस वित्तीय वर्ष में इसी स्वयं सहायता समूह से पौधे लेने की योजना तैयार की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस ग्राम पंचायत में जूड़ा तालाब को अमृत सरोवर के रूप में चयनित किया गया है। शनिवार को डीएम डॉ. उज्जवल कुमार ने भूमि पूजन व फावड़ा चला कर इसका शुभारंभ किया था। डीएम को इस स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष जूही सिंह ने सहजन का पौधा उपहार स्वरूप प्रदान किया था। अमृत सरोवर तालाब पर भी दूसरे चरण में बड़ी संख्या में पौध रोपण किया जाएगा।
दो साल में आत्मनिर्भर हो गया समूह
सहायक विकास अधिकारी ग्राम्य विकास राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि समूह का गठन 2020 में हुआ था। ब्लॉक मिशन प्रबंधक अमित सिंह, देवदत्त त्यागी व जितेंद्र यादव ने बताया कि इस नर्सरी का कार्य महिला समूह का ब्लॉक में पहला कार्य है। अभी तक यहां स्वयं सहायता समूह आंगनबाड़ियों को ड्राई राशन वितरण का कार्य करती थीं। ब्लॉक आने पर इस स्वयं सहायता की महिलाओं को इस योजना के बारे में जानकारी हुई। इसके बाद इन लोगों ने मनरेगा से नर्सरी बनाने का कार्य किया। समूह की महिलाएं भी मनरेगा के तहत खुद कार्य भी कर लेती है। समूह की महिलाओं की लगन व मेहनत से नर्सरी का यह कार्य काफी फल फूल रहा है। इससे अन्य समूह की महिलाएं प्रेरित हो रही हैं।