गोंडा। मनरेगा योजना से गांवों में कराए विकास कार्यों में श्रमांश व सामग्री पर सर्वाधिक व्यय वाली ग्राम पंचायतों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। मानक विहीन कार्यों की गुणवत्ता व अन्य खामियों की जांच ग्राम्य विकास विभाग की टेक्निकल आडिट कमेटी (टीएसी) करेगी। ग्राम्य विकास विभाग के आयुक्त ने तकनीकी संपरीक्षा प्रकोष्ठ के मुख्य प्राविधिक परीक्षक को राज्य स्तरीय समिति का अध्यक्ष नामित करते हुए मंडल स्तर पर टीएसी समितियों का गठन किया है। प्रकोष्ठ के मुख्य प्राविधिक परीक्षक ने देवी पाटन मंडल के संयुक्त विकास आयुक्त की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय कमेटी को चिह्नित ग्राम पंचायतों में निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता व तकनीकी खामियों की जांच के निर्देश दिए हैं।
कोरोना जैसी महामारी के दौरान श्रमिकों को दो जून की रोटी मुहैया कराने के मामले में वरदान साबित हुई मनरेगा योजना में घपले घोटाले का शोर थम नहीं रहा है। अनेकों ग्राम पंचायतों हुई मनमानी और अनियमित भुगतान की जांच चल रही है। विभाग यहां मनरेगा योजना से निर्मित परिसंपत्तियों के निर्माण कार्य की गुणवत्ता, एमबी के अनुसार किए भुगतान, माडल स्टीमेट की विशिष्टियों आदि की जांच मंडलीय टीएसी से कराने का निर्णय लिया है।
मुख्य प्राविधिक परीक्षक एसपी सिंह की ओर से जारी पत्र के अनुसार, मंडलीय टीएसी कमेटी श्रमांश व सामग्री में सर्वाधिक खर्च करने वाली ग्राम पंचायतों का माह में दो बार निरीक्षण कर निर्माण कार्य की गुणवत्ता, एमबी के अनुसार भुगतान व मॉडल स्टीमेट की विशिष्टियों के सापेक्ष प्राक्कलन, स्लिीय निर्माण आदि कई बिंदुओं का परीक्षण कर राज्य समिति को आख्या उपलब्ध कराएगी। मंडलीय कमेटी जनपदों में लागू पीडब्लूडी की दरों में संशोधन की दशा में उन्हें सिक्योर साफ्टवेयर में शामिल करेगी। साथ ही गड़बड़ी मिलने पर संबंधित अधिकारी, कमचारी के विरुद्ध कार्यवाही के लिए जनपद के जिला कार्यक्रम समन्वयक जिलाधिकारी व रोजगार गारंटी आयुक्त कार्यालय को संस्तुति सहित प्रस्ताव भेजेगी। राज्य स्तरीय समिति ने प्रतिमाह समीक्षा बैठक का रोस्टर जारी किया है। इसके अनुसार प्रत्येक माह के दूसरे मंगलवार को देवीपाटन मंडल के समिति की बैठक होगी। (संवाद)
जांच कमेटी के सदस्य
ग्राम्य विकास विभाग के एपेक्स तकनीकी संपरीक्षा प्रकोष्ठ के मुख्य प्राविधिक परीक्षक ने देवीपाटन मंडल के संयुक्त विकास आयुक्त की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में संबंधित जिले के उपायुक्त श्रम रोजगार सचिव, मंडलीय प्राविधिक परीक्षक व सहायक अभियंता डीआरडीए को तकनीकी सदस्य नामित किया गया है।
20 ग्राम पंचायतों में टीएसी करेेगी जांच
श्रमांश व सामग्री में सर्वाधिक व्यय करने वाली जो 20 ग्राम पंचायतें ग्राम्य विकास के निशाने पर हैं उनमें गोंडा के मनकापुर ब्लॉक की मऊ व महेवा नानकार, परसपुर की पसका, मुजेहना की रैगांव तथा कटराबाजार की कोचा कासिमपुर, बहराइच के नवाबगंज ब्लॉक की बख्तावर, मिहीपुरवा की कुड़वा व मझारा, बलहा की नानपरा देहात, महसी की रायपुर, बलरामपुर के पचपेड़वा ब्लॉक की भाथर, सेमरहना, गनवरिया बगुलहा व शंकरपुर कला और श्रावस्ती जनपद के सिरसिया ब्लॉक की सिरसिया, पंडितपुरवा व दुर्गापुर, गिलौला की लेंगड़ी गूलर व भदौरा शामिल है।
तकनीकी संपरीक्षा प्रकोष्ठ के मुख्य प्राविधिक परीक्षक के निर्देश के अनुसार गठित टीम ने श्रमांश व सामग्री में सर्वाधिक व्यय करने वाली ग्राम पंचायतों की जांच शुरू कर दी है। अब तक बहराइच जिल के मिहीपुरवा ब्लॉक की कुड़वा और मझारा गांव की जांच की गई है। राजेंद्र प्रसाद संयुक्त विकास आयुक्त, अध्यक्ष मंडलीय टीएसी
जिले में मनरेगा जॉब कार्ड धारकों की मजदूूूरी के भुगतान में गोलमाल करने वाली पंचायतों की जांच कराई जा रही है। जॉब कार्ड धारकों से अवैध वसूली करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। गरीबों का हक व मजदूरी छीनने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। शशांक त्रिपाठी, सीडीओ गोंडा