परसपुर के शिवनाथपुरवा में धान समेटने में जुटा किसान परिवार। - संवाद
गोंडा। सोमवार देर रात से शुरू हुई बूंदाबांदी मंगलवार सुबह तक जारी रही। इससे धान की फसल भीग गई। जिन किसानों ने फसल काटकर सुखाने के लिए खेत में छोड़ दी थी, वो आनन-फानन समेटते नजर आए। माना जा रहा है कि मौसम में इस बदलाव से फफूंद जनित रोग से धान की फसल प्रभावित होगी। दूसरी तरफ, लगातार दो दिन से बदली छाए रहने से लोगों को ठंड का अहसास हुआ।
सोमवार सुबह से ही बादल छाए हैं। हवा चलने से मौसम ठंडा हो गया। तमाम लोगों ने ऊनी कपड़े निकाल लिए हैं। श्रीनाथ, राजेश, मूलचंद व दीपक ने बताया कि बूंदाबांदी से ठंड का आगाज हो गया है। अब मौसम में लगातार नमी बनी रहेगी।
परसपुर के सहजौरा के शिवनाथ पुरवा निवासी किसान संतराम ने बताया कि खेत में पड़ी धान की कटी फसल को बारिश से नुकसान हो सकता है। खेत में कटी फसल को इकट्ठा कर रहे हैं। धूप निकलने पर धान सुखाया जाएगा। करनैलगंज के किसान रामराज ने कहा कि बूंदाबांदी से फसल भीग गई है। अब सुखाने के बाद मड़ाई कराई जाएगी।
रबी की फसलों को फायदा
पसका। पंडित दीनदयाल उपाध्याय कृषि विज्ञान केंद्र गोपालग्राम के प्रसार वैज्ञानिक डॉ. सुधांशु ने बताया कि हल्की बारिश व ठंडी हवा का असर फसलों पर दिखाई दे रहा है। मक्का की खेती करने वाले जो किसान भुट्टा तोड़कर सूखने के लिए छतों पर या बाहर फैला रखे थे, उसमें नमी से भुट्टों में फफूंद व कीट संक्रमण की संभावना बढ़ जाएगी। वहीं, मौसम का ये परिवर्तन आगामी रबी की फसलों के लिए लाभदायक होगा। मिट्टी में पर्याप्त नमी के कारण किसानों को खेत का पलेवा करने की आवश्यकता नहीं होगी। फसल अंकुरण व शुरुआती वृद्धि बेहतर होगी।