गोंडा। लखीमपुर में किसानों की हत्या के विरोध में सोमवार को समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, जनवादी नौजवान सभा सहित अन्य संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। सभी ने घटना की निंदा की और मारे गए किसानों को दो-दो करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता व परिवार में एक व्यक्ति को नौकरी देने की मांग उठाई।
नेताओं का कहना था कि हत्या में नामजद केंद्रीय मंत्री को बर्खास्त कर उनको बेटे समेत गिरफ्तार किया जाए। घटना को लेकर पुलिस प्रशासन पहले से सतर्क था। सोमवार को सपा, कांग्रेस कार्यालय व सपा नेताओं के घरों से लेकर चौक चौराहों पर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता कर दिया था।
सोमवार को सपा जिलाध्यक्ष आनंद स्वरूप उर्फ पप्पू यादव के नेतृत्व में सैकड़ों सपा कार्यकर्ता सपा कार्यालय पर एकत्र हुए। कार्यालय के बगल में ही स्थित गुरुनानक चौराहे पर ही पुलिस ने रोक लिया और वहीं पर कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष ने कई सूत्रीय ज्ञापन प्रशासन को सौंपते हुए कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी हो और अजय मिश्रा टेनी इस्तीफा दें।
आज की सरकार में किसान, नौजवान, छात्र, बेरोजगार, अल्पसंख्यक, महिला, कर्मचारी सहित हर धर्म हर वर्ग के लोग परेशान हैं। सपा नेता कमलेश निरंजन वर्मा ने कहा कि इस सरकार में किसी की सुनवाई नहीं हो रही। सूरज सिंह ने मौजूदा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब रक्षक ही भक्षक हो जाए तब देश-प्रदेश में क्रांति जन्म लेती है।
भाजपा सरकार में पुलिस द्वारा स्व विवेक तिवारी की हत्या, स्व मनीष गुप्ता की हत्या और लखीमपुर के आठ किसानों की हत्या से यह साबित हो गया है कि योगी आदित्यनाथ के बेहतरीन लॉ एंड ऑर्डर की बात झूठ का पुलिंदा है। हत्या किए गए किसानों के परिवारों को 2-2 करोड़ मुआवजा, सरकारी नौकरी देकर सरकार साबित करे कि किसान परिवार के साथ न्याय हुआ है।
सोमवार की सुबह 5 बजे से ही पुलिस द्वारा पूर्वमंत्री स्व पंडित सिंह के आवास विकास स्थित घर पर सूरज सिंह सहित आवास को छावनी में तब्दील कर दिया गया था, लेकिन सूरज सिंह अपने समर्थकों के साथ पुलिस व्यवस्था को छकाते हुए अपने आवास से सरकार विरोधी गगन भेदी नारा लगाते हुए पैदल ही जिला अस्पताल होते हुए महिला अस्पताल स्थित चौराहे पर पहुंचे। जहां पुलिस और सूरज सिंह तथा समर्थकों की काफी नोक झोंक हुई और उसी चौराहे पर सूरज सिंह अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए।
वहीं कांग्रेस कार्यालय के बाहर रात से ही पुलिस का पहरा बैठ गया था। कार्यालय से निकलेे कांग्रेस जिलाध्यक्ष वीरेंद्र पटेल, प्रमोद मिश्र, शिवकुमार दूबे, रफीक रैनी सहित अन्य कार्यकर्ताओं को पुलिस ने महाराजगंज पुलिस चौकी के पास ही रोक लिया और मौके पर ही उनसे ज्ञापन लिया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं व पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई।