गोंडा। मेडिकल कॉलेज में चूहों व कुत्तों का वीडियो वायरल होने के बाद व्यवस्था बदल दी गई है। पुराने भवन में संचालित अधिकांश ओपीडी सोमवार को नए भवन में शुरू कर दी गईं। हालांकि, नई व्यवस्था लागू होने के बाद पहले दिन मरीजों को भटकना पड़ा।
आर्थो, पीडियाट्रिक, जनरल सर्जरी, मेडिसिन सहित कई ओपीडी को नए भवन के प्रथम तल पर शुरू कराया गया है। पुराने भवन में संचालित ओपीडी कक्ष में ताला लगाकर नोटिस चस्पा किया गया है, जिसमें नए भवन में संचालित ओपीडी की कक्ष संख्या अंकित की गई है। वहीं, नई व्यवस्था लागू होने के बाद मरीजों व तीमारदारों को भटकना भी पड़ रहा है। करनैलगंज से आए रामबाबू ने कहा कि बेटे का पैर टूट गया था। मेडिकल कॉलेज आने पर पता चला कि नए भवन में जाना पड़ेगा। वहां जाने पर चिकित्सक ने एक्सरे लिख दिया। इसके बाद फिर पूरा परिसर घूमते हुए 250 मीटर दूर क्षेत्रीय निदान केंद्र में जाना पड़ा। इस तरह अन्य मरीजों को भी दिक्कतें हुईं।
नई बिल्डिंग में संचालित बाल रोग की ओपीडी में डॉ. रिचा त्रिपाठी बच्चों का इलाज कर रही थीं। नए भवन में ही संचालित चेस्ट रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में डॉ. रमेश पांडेय मरीजों की जांच कर रहे थे। इसी तरह अन्य ओपीडी में भी डॉक्टर उपचार कर रहे थे।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने बताया कि नए भवन में सभी ओपीडी शुरू करा दी गई हैं। जो कुछ भी कमियां हैं वह सुधारी जा रही हैं। एक-दो दिन में पूरी तरह से व्यवस्था पटरी पर आ जाएगी। मरीजों को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।