मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को तीन माह में विभाग में मिलाने का आश्वासन दिया है।
गरीब बेटियों के विवाह पर मिलने वाले शादी अनुदान के लिए अब उनके अभिभावकों को समाज कल्याण विभाग के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। शादी अनुदान के लिए अब आवेदन पत्र ऑनलाइन भरे जा सकेंगे। ऑनलाइन भरे जाने वाले इन आवेदनों को संबंधित ब्लॉक के बीडीओ अपने मातहत के माध्यम से इन आवेदन पत्रों को सत्यापन कराने के बाद एसडीएम को उपलब्ध कराएंगे। इसके लिए समाज कल्याण अधिकारी ने चारों तहसीलों के उपजिलाधिकारी व खंड विकास अधिकारी को विभाग से पासवर्ड आवंटित कर दिया है।
समाज कल्याण विभाग अनुसूचित जाति व सामान्य जाति की गरीब बेटियों के विवाह के लिए शादी अनुदान के रूप में बेटी के अभिभावक को 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करता है। अब तक इस अनुदान के लिए अभिभावक को समाज कल्याण विभाग में आवेदन पत्र जमा करना होता था।
आवेदन पत्र जमा होने के बाद इनकी वास्तविक स्थिति का पता नहीं चल पाता था और अनुदान मिलने तक अभिभावक को समाज कल्याण विभाग के चक्कर लगाने पड़ते थे। इससे इन अभिभावकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
इस परेशानी से छुटकारा दिलाने के लिए शासन ने अब इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने जमा का आदेश जारी किया है। अभिभावक शादी अनुदान के लिए अब किसी भी इंटरनेट सेंटर से विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के बाद इसी वेबसाइट पर वह अपने आवेदन पत्र की प्रगति भी जान सकेंगे। इससे अभिभावकों का समय तो बचेगा ही, साथ ही उन्हें समाज कल्याण विभाग के चक्कर लगाने से भी छुटकारा मिल सकेगा।
शासन ने शादी अनुदान के लिए ऑनलाइन भरे जाने वाले इन आवेदन पत्रों के निस्तारण कि लिए अधिकारियों को अलग-अलग स्तर पर जिम्मेदारी सौंपी है, जिसमें उप जिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी, लेखपाल व ग्राम पंचायत अधिकारी को लगाया गया है। इसमें ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत अधिकारी तो शहरी क्षेत्र में लेखपाल शादी अनुदान के आवेदन पत्रों का सत्यापन करेंगे। इस सत्यापन में आवेदन सही पाए जाने पर उप जिलाधिकारी या खंड विकास अधिकारी अपने डिजिटल हस्ताक्षर से आवेदन पत्र अग्रसारित कर उसे जिला समाज कल्याण अधिकारी को उपलब्ध कराएंगे।