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कार्यालयों में मारा छापा

Fri, 01 Apr 2016 11:41 PM IST
अमर उजाला/गोंडा
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जांच करते डीएम - फोटो : अमर उजाला
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सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों व कर्मचारियों की मनमानी खत्म करने के लिए जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने सख्त कदम उठाए हैं। डीएम ने शुक्रवार को कर्ई दफ्तरों में छापा मारकर सभी अफसरों व कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी दी है कि सारे विभाग के अधिकारी व कर्मचारी समय से अपने-अपने दफ्तरों में उपिस्थत रहकर कार्यों का संपादन करें। निरीक्षण के दौरान कार्यालय से नदारद पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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शुक्रवार को डीएम ने तीन टीमें बनाकर कई विभागों में छापेमारी कराई। जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट में कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया।

सीडीओ जयन्त कुमार दीक्षित व परियोजना निदेशक वीरपाल ने बेसिक शिक्षा विभाग, अपर जिलाधिकारी त्रिलोकी सिंह ने सिंचाई विभाग दफ्तर तथा एसडीएम सदर अविनाश कुमार व नगर मजिस्ट्रेट अरुण कुमार शुक्ला ने उपनिदेशक कृषि कार्यालय में छापेमारी की। इस दौरान लगभग सभी विभागों में अफसर व कर्मचारी नदारद मिले।

डीएम ने तत्काल अनुपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों का एक-एक दिन का वेतन काटने व कार्य की लापरवाही को लेकर दो दिन के अंदर स्पष्टीकरण तलब किया है।

बेसिक शिक्षा विभाग कार्यालय में मुख्य विकास अधिकारी को पांच कर्मचारी अनुपस्थित मिले तथा उपस्थिति पंजिका में माह अप्रैल की उपस्थिति व कर्मचारियों का नाम तक नहीं लिखा था।
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विभाग में बजट कलेण्डर भी दुरूस्त नहीं मिला। सिंचाई विभाग के आठ अनुभागों में सभी जगह अभिलेखों का रखरखाव व अव्यवस्था दिखाई दी। इस पर एडीएम ने कार्यालय अध्यक्षों को फटकार लगाते हुए डीएम को रिपोर्ट सौंप दी है। वहीं उपनिदेशक कृषि दफ्तर में भी कई कर्मचारी ड्यूटी से नदारद मिले।

वहां पर एसडीएम सदर व सिटी मजिस्ट्रेट ने विभागीय अभिलेख, तहसील दिवस रजिस्टर, जनता दर्शन रजिस्टर, शिकायती प्रार्थनापत्रों के निस्तारण की स्थिति, कार्यालय व परिसर की साफ सफाई आदि का मुआयना किया।

जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट में निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक कक्ष, जनता दर्शन पटल, ई.गवर्नेन्स सेल का निरीक्षण किया।

डीएम ने ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर अमित गुप्ता व जनता दर्शन का कार्य देख रहे लिपिक राजेश पाण्डेय से आईजीआरएस समेकित निवारण प्रणाली के संबंध में तथा ई-गवर्नेन्स सेल एवं आईजीआरएस जनसुनवाई  पोर्टल पर लम्बित प्रकरणों की गहन पूछताछ की और निर्देश दिए कि किसी भी पटल पर प्रकरण अनावश्यक लम्बित ने रहें। 
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