गेहूं खरीद में लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर क्रय एजेंसियों के सचिव जिम्मेदार होंगे। सभी किसानों को गेहूं की उपज का शत-प्रतिशत लाभ दिलाया जाएगा। क्रय एजेंसियों के सचिव केंद्रों को बेहतर एंग से संचालन करने में जुट जाएं।
टोल-फ्री नंबर पर मिलने वाले किसानों के सभी शिकायतों का तत्काल निस्तारण कराया जाएगा। खरीदे गए गेहूं के भंडारण की व्यवस्था पहले से चाक-चौबंद कर लें। किसानों को भुगतान समय से सुनिश्चित कराया जाए।
बुधवार को डीएम प्रीति शुक्ला ने कलेक्ट्रेट सभागार में मूल्य समर्थन योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2016-17 में सरकारी गेहूं खरीद की तैयारियों की समीक्षा के दौरान क्रय एजेंसियों के प्रबंधकों व सचिवों आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कही।
उन्होंने कहा कि जिले में गेहूं खरीद की व्यवस्था पूरी तरह से चाक-चौबंद होनी चाहिए। सभी समितियों के प्रबंधक डेली क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण कर रिपोर्ट हर हाल में उपलब्ध कराएंगे। तीनों तहसीलों के एसडीएम को डीएम ने केंद्रों का औचक निरीक्षण कर गेहूं खरीद की निगरानी करने का निर्देश दिया।
मंडी निदेशक को डीएम ने पत्र लिखकर क्रय एजेंसियों को सुविधाएं उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। डिप्टी आरएमओ विनय प्रताप सिंह ने बैठक का संचालन करते हुए कहा कि तीन क्रय एजेंसियों के जिले में 33 क्रय केंद्र संचालित किए जाएंगे।
टोल फ्री नंबर 18001800150 मिलने वाली सभी शिकायतों का निस्तारण कराया जाएगा। किसानों से 1525 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीद की जाएगी। खाद्य विभाग, पीसीएफ व यूपीएसएस के 33 क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद की जाएगी।
बैठक में डीएम ने तीनों क्रय एजेंसियों के प्रबंधकों को निर्देश दिया कि केंद्रों पर गेहूं खरीद से संबंधित सभी व्यवस्था सुनिश्चत कर लें। बैठक में राम उग्रह मिश्र, धीरेन्द्र प्रताप सिंह व प्रकाश सिंह सहित सभी क्रय एजेंसियों के सचिव मौजूद रहे।